Home » झारखंड: “स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट, मंत्री रील बनाने में मस्त”, BJP प्रवक्ता रमाकांत महतो ने मांगा इरफान अंसारी का इस्तीफा !
झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट, मंत्री रील बनाने में मस्त: भाजपा प्रवक्ता रमाकांत महतो ने मांगा इरफान अंसारी का इस्तीफा !
रांची: झारखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रील बनाने में व्यस्त हैं, जबकि मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं और पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पस्त हो चुकी है। महतो ने नैतिकता के आधार पर स्वास्थ्य मंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
एंबुलेंस कर्मचारियों और डॉक्टरों के आंदोलन पर उठाए सवाल
रमाकांत महतो ने कहा कि जब आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मचारी मानदेय के लिए सड़कों पर हों और डॉक्टर सुरक्षा तथा अपनी सेवा मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर हों, तो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार केवल आश्वासनों तक सीमित क्यों है और जमीनी स्तर पर व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे?
“स्वास्थ्य व्यवस्था किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। आम जनता को समय पर इलाज, दवाएं और आपातकालीन सेवाएं मिलना उनका अधिकार है। लेकिन झारखंड सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सिमट कर रह गई है।” — रमाकांत महतो, प्रदेश प्रवक्ता (BJP)
108 एंबुलेंस सेवा ठप होने की कगार पर: 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल
भाजपा प्रवक्ता ने 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को राज्य के लिए एक गंभीर चुनौती बताया।
2,000 कर्मचारी प्रभावित: लगभग 2,000 ड्राइवर और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) बकाया मानदेय की मांग कर रहे हैं।
बकाया वेतन: कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जुलाई से मानदेय नहीं मिला है।
500 एंबुलेंस के पहिए थमने का खतरा: कर्मचारियों ने 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
प्रमुख मांगें: बकाया वेतन के साथ ईपीएफ (EPF), ईएसआईसी (ESIC), ओवरटाइम, ग्रेच्युटी, न्यूनतम मजदूरी और बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली।
महतो ने कहा कि यदि यह आपातकालीन सेवा बाधित होती है तो राज्य में स्थिति बेहद गंभीर हो जाएगी। सरकार को तत्काल संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय कर बकाया भुगतान करना चाहिए।
10 चिकित्सा संगठनों का संयुक्त विरोध: 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
एंबुलेंस कर्मियों के साथ-साथ राज्य के डॉक्टरों में भी गहरा असंतोष है। 10 चिकित्सा संगठनों ने मिलकर संयुक्त आंदोलन की घोषणा की है:
20 अक्टूबर तक: डॉक्टर काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे।
21 अक्टूबर: सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा।
22 अक्टूबर से: मांगें पूरी न होने पर पूर्ण कार्य बहिष्कार।
चिकित्सकों की मुख्य मांगें:
मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना।
अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (DACP) लागू करना।
नियमित नियुक्तियां और सेवा संबंधी समस्याओं का निपटारा।
नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें स्वास्थ्य मंत्री
रमाकांत महतो ने कहा कि ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, नर्सें, जरूरी दवाएं और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को जनता के स्वास्थ्य से कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए उन्हें नैतिकता के आधार पर छोड़ देना चाहिए !