Home » झारखण्ड वोटर लिस्ट गहन पुनरीक्षण (SIR): नोटिस मिलने पर न घबराएं मतदाता, CEO के. रवि कुमार की अहम अपील
झारखण्ड वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (SIR): नोटिस मिलने पर बिल्कुल न घबराएं मतदाता, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दी बड़ी राहत !
रांची: झारखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होना या सुनवाई होना प्रक्रिया का एक सामान्य और कानूनी हिस्सा है। किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। निर्वाचन आयोग हर योग्य मतदाता की मदद के लिए संकल्पित है।
मुख्य आकर्षण एवं समय-सीमा (Key Highlights)
दावा-आपत्ति अवधि: 5 अगस्त से 15 सितम्बर 2026 तक।
निस्तारण की अंतिम तिथि: 14 अक्टूबर 2026 तक।
सुनवाई की शुरुआत: 24 अगस्त से (नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति आदि श्रेणियों के लिए)।
दस्तावेज जमा करने के लिए समय: 7 दिन (प्रथम चरण) + 7 दिन (अतिरिक्त अवसर)।
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1950
नोटिस मिलने पर मतदाताओं को क्या करना होगा?
बीएलओ (BLO) द्वारा निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) स्तर से जारी नोटिस संबंधित मतदाताओं तक पहुंचाए जाएंगे।
पहला मौका: नोटिस मिलने के बाद दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 7 दिनों का समय मिलेगा।
दूसरा मौका: यदि आप समय पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, तो BLO पुनः संपर्क कर नोटिस देगा और 7 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
अन्य राज्यों से झारखण्ड में नाम ट्रांसफर और परिवार का एक ही बूथ
स्थानांतरण (Shift Voters): यदि आपका नाम किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है और आप इसे झारखण्ड में ट्रांसफर कराना चाहते हैं, तो फॉर्म-8 (Form-8) और घोषणा पत्र भरकर BLO के पास जमा करें।
एक ही मतदान केंद्र: पूरे परिवार या एक ही मकान के सभी सदस्यों का नाम एक ही पोलिंग स्टेशन की सूची में जोड़ने के लिए सुधार कार्य चालू है।
विदेशी नागरिकों के पंजीकरण पर सख्त रुख (संविधान की धारा 326)
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संविधान की धारा 326 के तहत केवल भारत के नागरिक ही मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं:
यदि किसी परिवार में विवाह या अन्य माध्यम से विदेशी नागरिक रह रहे हैं, तो उन्हें पहले गृह मंत्रालय, भारत सरकार से भारतीय नागरिकता प्राप्त करनी होगी।
भारतीय नागरिकता के बिना वोटर लिस्ट में आवेदन करना दंडनीय अपराध है।
यदि कोई अपात्र या विदेशी नागरिक नाम जुड़वाने का प्रयास कर रहा है, तो फॉर्म-7 (Form-7) भरकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की अपील:
“विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से बनने वाली मतदाता सूची एक स्थायी दस्तावेज (Permanent Document) के रूप में रखी जाएगी। यह आपके और आपके परिवार के भविष्य के लिए एक प्रमाणित रिकॉर्ड बनेगी। इसलिए अपनी विवरणियों की जांच करें और समय पर सही दस्तावेज जमा करें।”