Home » रांची में सम्पन्न हुआ 10 दिवसीय आशा एकीकृत प्रशिक्षण शिविर, 6 राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा !
10-दिवसीय ‘आशा एकीकृत प्रशिक्षण’ शिविर सम्पन्न: ’24 दिनों की 24 स्वास्थ्य गतिविधियां’ आम केंद्रों तक होंगी लागू – अभियान निदेशक !
रांची : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखण्ड और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10-दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम (03 से 12 अगस्त 2026) बुधवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। रांची-खूंटी मार्ग स्थित मोमेंट्स रिसॉर्ट्स में आयोजित इस आवासीय कार्यशाला में देश के 6 राज्यों के 35 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य
इस गहन कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य व जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स को एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल में निपुण बनाना है, ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात स्वास्थ्य सहियाओं और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की क्षमताओं का विकास कर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बना सकें।
इन राज्यों ने लिया हिस्सा: झारखण्ड, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से आए 35 चिकित्सा अधिकारियों, कार्यक्रम समन्वयकों एवं राज्य प्रशिक्षकों ने इसमें भाग लिया।
किन-किन विषयों पर दिया गया व्यावहारिक अभ्यास?
राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकय मिंज एवं अन्य विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को आपातकालीन चिकित्सा और जीवन रक्षक तकनीकों का कड़ा अभ्यास कराया गया:
इमरजेंसी मेडिकल केयर: एसिड अटैक, केमिकल बर्न, चोकिंग, पॉइजनिंग, मिर्गी, सर्पदंश, बिच्छू दंश, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और डायबिटिक इमरजेंसी में त्वरित प्राथमिक चिकित्सा।
संक्रामक रोग नियंत्रण: मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया, जापानी एन्सेफलाइटिस, फाइलेरिया, कालाजार, टीबी और कुष्ठ रोग का सर्विलांस।
पर्यावरण व स्वास्थ्य: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR), जूनोटिक बीमारियां और जलवायु परिवर्तन व हीटवेव के स्वास्थ्य प्रभावों पर गहन चर्चा।
अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा के मुख्य दिशा-निर्देश
समापन सत्र के दौरान अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने स्वास्थ्य व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
’24 दिन – 24 गतिविधियां’ योजना: CHO (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) स्तर पर रोजाना 1 घंटे की गतिविधि के साथ 25 दिनों की एक समग्र श्रृंखला लागू की जाए।
मॉड्यूल अपडेट: CHO के लिए तैयार व्यावहारिक मॉड्यूल में 104 हेल्पलाइन और टेली-मानस (Tele-MANAS) की जानकारी जोड़ी जाए।
शत-प्रतिशत आच्छादन: शेष बचे सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जल्द से जल्द प्रशिक्षित किया जाए।
NHSRC की कार्यकारी निदेशक ने दी बधाई
NHSRC, नई दिल्ली की कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रोफेसर प्रज्ञा शर्मा ने आयोजन टीम को बधाई देते हुए कहा:
“मास्टर ट्रेनर्स को यहाँ प्राप्त समृद्ध अनुभवों और व्यावहारिक कौशलों को जमीनी स्तर पर पूरी निष्ठा के साथ लागू करना होगा। सहियाएं ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली की मुख्य धुरी हैं, उनके क्षमता निर्माण से ही दूर-दराज के क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेगी।”
समापन सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के औपचारिक समापन पर प्रतिभागियों का पोस्ट-टेस्ट लिया गया, फीडबैक दर्ज किया गया और प्रमाण-पत्र बांटे गए।
NHSRC के वरिष्ठ विशेषज्ञ: डॉ. अनुराधा जैन, डॉ. सुरभि सेठी, डॉ. ऋचा शर्मा, डॉ. राकेश सारस्वत, डॉ. नीलम सिद्दीकी, डॉ. सीमा मल्होत्रा, डॉ. पंकज शाह, डॉ. ज्योत्स्ना एवं सुश्री प्रतिभा किशोर।
झारखंड NHM के नोडल अधिकारी: डॉ. मुकेश मिश्रा, डॉ. राहुल किशोर सिंह, डॉ. रंजीत प्रसाद, डॉ. प्रदीप सिंह, डॉ. पुष्पा, डॉ. प्रभात, डॉ. कमलेश, अनिमा किस्कू, रमन झा और रंजीत पाठक।
अब यह प्रशिक्षित जिला टीम जिला और ब्लॉक स्तर पर सहियाओं को प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को गति प्रदान करेगी।