Home » नगड़ी में रिम्स-2 के निर्माण पर विवाद, भाजपा ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
नगड़ी की उपजाऊ भूमि पर ही क्यों बन रहा RIMS-2? भाजपा प्रवक्ता अविनेश सिंह का बड़ा हमला- पूछा, कहीं बिचौलियों के फायदे के लिए तो नहीं बदला डिजाइन?
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के नगड़ी इलाके में बनने वाले रिम्स-2 (RIMS-2) अस्पताल परियोजना को लेकर राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार की मंशा पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने सरकार की ‘व्याकुलता’ पर तंज कसते हुए रिम्स-2 परियोजना की पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
🌾 “पठारी राज्य में उपजाऊ भूमि को कंक्रीट में बदलना नासमझी”
भाजपा प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने भूमि चयन की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा:
कृषि भूमि का संकट: झारखंड एक पठारी क्षेत्र है, जहां पहले से ही कृषि योग्य उपजाऊ भूमि की भारी कमी है। ऐसे में जो थोड़ी-बहुत उपजाऊ जमीन बची है, उसपर बड़ी-बड़ी इमारतें बनाकर उसे नष्ट करना झारखंड सरकार की घोर नासमझी को दर्शाता है।
बंजर जमीन का विकल्प क्यों छोड़ा?: उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या रिम्स-2 के निर्माण के लिए किसी वैकल्पिक, अनुपयोगी या बंजर भूमि का सर्वेक्षण किया गया था? अगर हां, तो सरकार उस सर्वे रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है? ऐसी क्या मजबूरी थी कि उपजाऊ जमीन को ही चुना गया?
🛑 डिजाइन में बदलाव और बजट बढ़ने का क्या है खेल?
अविनेश कुमार सिंह ने रिम्स-2 के प्रशासनिक फैसलों को कटघरे में खड़ा करते हुए कई तीखे सवाल दागे:
लागत में हेरफेर का आरोप: उन्होंने पूछा कि परियोजना के मूल डिजाइन या स्वीकृत योजना में किसके निर्देश पर बदलाव किया गया? सरकार यह स्पष्ट करे कि इन अचानक किए गए बदलावों के कारण परियोजना की लागत में कितना अतिरिक्त वित्तीय भार (बजट) बढ़ा है।
बिचौलियों को लाभ पहुंचाने का अंदेशा: उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना स्थल के चयन को लेकर आम जनता के बीच गहरी शंकाएं हैं। क्या यह निर्णय भूमि कारोबारियों और बिचौलियों के दबाव में लिया गया है? सरकार बताए कि अस्पताल के आसपास की जमीनों के दाम बढ़ने से किस विशेष वर्ग को फायदा होने वाला है?
🔍 “मंत्रियों और रसूखदारों की जमीन खरीद-बिक्री की हो जांच”
भाजपा ने इस मामले में सीधे तौर पर प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की जांच की मांग की है:
“सरकार को यह सार्वजनिक करना चाहिए कि रिम्स-2 की घोषणा से पहले और बाद में इस पूरे इलाके में किसने-किसने जमीनें खरीदीं। यदि किसी जनप्रतिनिधि, प्रभावशाली व्यक्ति, बड़े अफसर या उनके करीबियों ने यहाँ जमीन में निवेश किया है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
🕯️ मांग पूरी नहीं हुई तो राज्यव्यापी जनआंदोलन करेगी भाजपा
अविनेश सिंह ने साफ कहा कि रिम्स-2 जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना का उद्देश्य जनता को बेहतर इलाज देना होना चाहिए, न कि किसी विशेष सिंडिकेट या हित समूह को फायदा पहुंचाना। लोकतंत्र में सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना होगा। अगर सरकार ने सभी दस्तावेज, डिजाइन परिवर्तन और भूमि चयन के आधार सार्वजनिक नहीं किए, तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी जनजागरण और बड़ा जनआंदोलन छेड़ेगी।