Home » कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन पुल का काम 98.2% पूरा, जुलाई में होगा शुरू
उत्तर बिहार की लाइफलाइन: ‘कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन पुल’ का 98.2% काम पूरा; मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने दिया जुलाई के पहले हफ्ते का अल्टीमेटम
पटना/वैशाली: उत्तर बिहार और राजधानी पटना के बीच की दूरी को समेटने वाले देश के सबसे लंबे नदी पुलों में से एक ‘कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड गंगा सेतु’ का काम अब अपने अंतिम चरण (फिनिशिंग मोड) में है। शनिवार, 13 जून 2026 को बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर इस मेगा प्रोजेक्ट के मुख्य पुल और दोनों तरफ बन रहे एप्रोच रोड (पहुंच मार्ग) का बारीकी से जायजा लिया।
समीक्षा के बाद मुख्य सचिव ने अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि अंतिम चरण के तकनीकी कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीनियर अफसर इसकी रोजाना (Daily) मॉनिटरिंग करेंगे।
📅 जुलाई 2026 के पहले हफ्ते में शुरू हो जाएगा पूरा पुल
पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने मुख्य सचिव को साइट पर जानकारी दी कि:
डेडलाइन तय: परियोजना का 98.2 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरी तरह मुकम्मल हो चुका है। शेष बचे फिनिशिंग और तकनीकी कार्यों को जुलाई, 2026 के पहले सप्ताह तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य है।
वर्तमान स्थिति: फिलहाल पुल पर फिनिशिंग कार्यों के साथ-साथ एक्सपेंशन जॉइंट्स की स्ट्रेसिंग (Expansion Joints Stressing) और अन्य हाई-टेक सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े काम तेजी से चल रहे हैं।
📊 एक नजर में देखिए इस ‘मेगा प्रोजेक्ट’ के आंकड़े
प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदु
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विस्तृत विवरण (Key Details)
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कुल लंबाई (Total Length)
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19.76 किलोमीटर (9.76 किमी मुख्य पुल + 10 किमी एप्रोच रोड)
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कनेक्टिविटी रूट
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पटना का कच्ची दरगाह (NH-30) से वैशाली का बिदुपुर (NH-103)
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काम की प्रगति
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98.2% कार्य पूरा, जुलाई के पहले सप्ताह में पूर्ण संचालन का लक्ष्य
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राघोपुर फेज
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फेज-1 (कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा – 4.57 किमी) पहले ही शुरू
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बड़ा फायदा
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गांधी सेतु से ट्रैफिक का दबाव खत्म होगा; पटना-बख्तियारपुर बाईपास से डायरेक्ट कनेक्टिविटी
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🚀 बदल जाएगी उत्तर बिहार की सूरत: गांधी सेतु को मिलेगी राहत
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि बिहार के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए यह गेम-चेंजर प्रोजेक्ट है। इसके शुरू होते ही कई बड़े बदलाव आएंगे:
गांधी सेतु का लोड होगा कम: वैशाली, समस्तीपुर और हाजीपुर की तरफ जाने वाला भारी ट्रैफिक सीधे इस पुल से गुजरेगा, जिससे ऐतिहासिक महात्मा गांधी सेतु पर गाड़ियों का दबाव बेहद कम हो जाएगा।
इलाज के लिए वरदान: राघोपुर दियारा और उत्तर बिहार के मरीजों को इमरजेंसी की स्थिति में वर्ल्ड क्लास मेडिकल सुविधाओं के लिए पटना रिम्स या अन्य बड़े अस्पतालों में पहुंचने में समय नहीं लगेगा।
व्यापार को नई रफ्तार: यह सिक्स लेन पुल सीधे पटना-बख्तियारपुर बाईपास (NH-30) से जुड़ेगा, जिससे उत्तर बिहार के फल-सब्जी और कृषि उत्पाद सीधे मुख्य मंडियों तक चंद मिनटों में पहुंच सकेंगे।
👥 निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे ये अधिकारी
इस हाई-प्रोफाइल ऑन-साइट निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव के साथ मुख्य रूप से पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल, बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) के मुख्य अभियंता गण और निर्माण एजेंसी के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर्स पस्थित रहे।