Home » राज्यसभा चुनाव में हार की होगी समीक्षा, JMM विधायक रहे एकजुट: विनोद पांडेय
झारखंड राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और गठबंधन के दूसरे उम्मीदवार की हार के बाद मचे सियासी घमासान के बीच अब सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ गई है। शुक्रवार, 19 जून 2026 को झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
कांग्रेस और राजद के बीच चल रही तीखी बयानबाजी के बीच झामुमो ने दावा किया है कि उसके सभी विधायक पूरी तरह एकजुट रहे और उन्होंने गठबंधन की तय रणनीति के अनुसार ही मतदान किया।
🗳️ “पार्टी के सभी 34 विधायकों ने किया शत-प्रतिशत मतदान” — विनोद पांडेय
पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने जेएमएम के विधायकों की एकजुटता पर बात करते हुए कहा:
एकजुट रहा झामुमो: राज्यसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के सभी 34 विधायकों ने शत-प्रतिशत मतदान किया। पार्टी के सभी वोट गठबंधन के दोनों प्रत्याशियों के पक्ष में पूरी निष्ठा के साथ पड़े।
खुद थे पोलिंग एजेंट: विनोद पांडेय ने बताया कि वह स्वयं पार्टी एजेंट के रूप में पूरे मतदान के दौरान मतदान केंद्र के भीतर मौजूद थे और एक-एक मतदान प्रक्रिया पर अपनी पैनी नजर रखे हुए थे।
📋 चुनाव से पहले खुद CM हेमंत सोरेन ने कराई थी ‘मॉक ड्रिल’
गठबंधन की तैयारियों का ब्योरा देते हुए पांडेय ने बताया कि चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर काफी गंभीरता से काम हुआ था:
“माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी ने चुनाव से ठीक पहले गठबंधन के सभी घटक दलों की कई दौर की बैठकें की थीं। मतदान को लेकर एक-एक वोट की सटीक रणनीति बनाई गई थी। यहां तक कि विधायकों से वोटिंग में कोई गलती न हो, इसके लिए बाकायदा अभ्यास (मॉक ड्रिल) भी कराया गया था।”
🔍 “अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा नतीजा, महागठबंधन में होगी समीक्षा”
तैयारियों के बावजूद गठबंधन के एक प्रत्याशी (कांग्रेस उम्मीदवार) की हार पर झामुमो ने आत्ममंथन की बात कही है:
हार की होगी समीक्षा: महासचिव ने स्वीकार किया कि तमाम कोशिशों और रणनीतियों के बावजूद गठबंधन के एक प्रत्याशी का चुनाव हार जाना बेहद अप्रत्याशित और हमारी अपेक्षा के बिल्कुल विपरीत है।
भविष्य के लिए तैयारी: इस राज्यसभा चुनाव परिणाम की महागठबंधन के स्तर पर विस्तृत और गहराई से समीक्षा की जाएगी। यह देखा जाएगा कि गणित में कहां चूक हुई और किन कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सका। इन कमियों को समय रहते दूर किया जाएगा, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई में इंडिया गठबंधन को और अधिक मजबूत व अभेद्य बनाया जा सके।