Home » HEC Ranchi Revival: कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने संसदीय समिति अध्यक्ष तिरुचि शिवा से की मुलाकात, सौंपा ज्ञापन
HEC के पुनरुद्धार के लिए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने संसदीय समिति अध्यक्ष तिरुचि शिवा से की मुलाकात, सौंपा विस्तृत ज्ञापन !
रांची: झारखंड की औद्योगिक पहचान और देश की रणनीतिक संपदा हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC) को बचाने व इसके समग्र पुनरुद्धार के लिए कांग्रेस पार्टी ने पहल तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा एवं समिति के अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
विशेष वित्तीय पैकेज: HEC की कार्यशील पूंजी (Working Capital) की समस्या दूर करने के लिए तत्काल केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता की मांग।
कर्मचारियों का हित: लंबित वेतन का भुगतान और सेवानिवृत्त कर्मियों के बकाये को जल्द चुकाने का आग्रह।
रणनीतिक प्राथमिकता: रक्षा, रेलवे, ऊर्जा, इस्पात और खनन क्षेत्रों के सरकारी कार्यादेशों (Orders) में HEC को प्राथमिकता देने की अपील।
तकनीकी आधुनिकीकरण: पुरानी व जर्जर मशीनों को बदलकर नई तकनीक उपलब्ध कराने की मांग।
रणनीतिक औद्योगिक संपदा है HEC: कांग्रेस
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासचिव आलोक कुमार दूबे, डॉ. राजेश गुप्ता, राजीव रंजन प्रसाद, फिरोज रिजवी मुन्ना, अभिषेक साहू एवं मेंहुल दूबे ने किया।
संसदीय समिति को सौंपे ज्ञापन में नेताओं ने स्पष्ट किया कि HEC कोई साधारण सार्वजनिक उपक्रम (PSU) नहीं है, बल्कि भारत को भारी औद्योगिक संयंत्रों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने वाली ‘रणनीतिक औद्योगिक संपदा’ है।
आलोक कुमार दूबे (प्रदेश कांग्रेस महासचिव): “HEC के पास पर्याप्त जमीन, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभवी मानव संसाधन है। केंद्र सरकार को तुरंत विशेष वित्तीय पैकेज देकर इसे पुनर्जीवित करना चाहिए।”
राजीव रंजन प्रसाद (कांग्रेस नेता): “इसे केवल आर्थिक घाटे के आंकड़ों से नहीं देखा जा सकता। रक्षा, रेलवे और इस्पात जैसे क्षेत्रों से नियमित ऑर्डर मिलने पर HEC अपनी पुरानी क्षमता फिर हासिल कर सकता है।”
डॉ. राजेश गुप्ता (कांग्रेस नेता): “आधुनिक तकनीक, पर्याप्त पूंजी और कर्मचारियों के बकाये का शीघ्र भुगतान ही HEC को फिर से लाभकारी बनाने का रास्ता है।”
‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी मजबूती
कांग्रेस नेताओं ने जोर देकर कहा कि HEC का पुनरुद्धार न केवल रांची और झारखंड के औद्योगिक हितों की रक्षा करेगा, बल्कि देश के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी मजबूत करेगा। भारी इंजीनियरिंग क्षेत्र में विदेशी निर्भरता घटाने में HEC मील का पत्थर साबित हो सकता है।
संसदीय समिति का आश्वासन
संसदीय समिति के अध्यक्ष तिरुचि शिवा ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि समिति HEC की स्थिति का गंभीरता से अध्ययन कर रही है और संस्थान के पुनरुद्धार व आधुनिकीकरण से जुड़े सभी पहलुओं पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि पार्टी HEC के कर्मचारियों, उनके परिवारों और झारखंड के औद्योगिक अस्तित्व के लिए अपनी लड़ाई लगातार जारी रखेगी।