Home » रिम्स रांची में बेसिक नी आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स 2026 का सफल आयोजन | RIMS Knee Replacement Workshop
रिम्स रांची में ‘बेसिक नी आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स 2026’ का सफल आयोजन, AIIMS के विशेषज्ञों ने दिए घुटना प्रत्यारोपण के व्यावहारिक गुर
रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची के हड्डी रोग विभाग द्वारा 6 सितंबर 2026 को एनटीसी की चौथी मंजिल पर “रिम्स बेसिक नी आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स 2026” का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक व व्यावहारिक कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्यभर के हड्डी रोग विशेषज्ञों, स्नातकोत्तर (PG) चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को घुटना प्रत्यारोपण (Knee Arthroplasty) की मूलभूत तकनीकों का गहन प्रशिक्षण देना था।
वरिष्ठ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन हड्डी रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. गोविंद कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। डॉ. अभिषेक गुरिया एवं डॉ. सपन कुमार ने आयोजन सचिव (Organising Secretaries) के रूप में पूरी व्यवस्था की कमान संभाली।
कार्यक्रम में रिम्स निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा ने विशिष्ट अतिथि (Guest of Honour) के रूप में शिरकत कर चिकित्सकों का उत्साहवर्धन किया और चिकित्सा शिक्षा में ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अत्यंत आवश्यक बताया।
AIIMS भुवनेश्वर और कल्याणी से पहुंचे राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ
कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अतिथि विशेषज्ञों ने भाग लिया:
डॉ. सुजीत त्रिपाठी (एम्स भुवनेश्वर)
डॉ. सम्राट (एम्स कल्याणी)
दोनों विशेषज्ञों ने घुटना प्रत्यारोपण से जुड़े अपने वर्षों के अनुभव, सर्जिकल रणनीतियों और व्यावहारिक पहलुओं को युवा डॉक्टरों के साथ साझा किया।
इसके अलावा, झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए आमंत्रित विशेषज्ञ—डॉ. शंकर निवास, डॉ. रोहित लाल, डॉ. संजय जायसवाल, डॉ. रजनीश कुमार, डॉ. शशि सुमन, डॉ. अभिनव मिश्रा एवं डॉ. शशिकांत ने भी व्याख्यान और तकनीकी प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
सॉ बोन वर्कशॉप रहा मुख्य आकर्षण
कोर्स का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा “सॉ बोन वर्कशॉप (Saw Bone Workshop)” रहा। इसमें प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल मॉडल बोन पर टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी (TKA) के विभिन्न चरणों का प्रत्यक्ष व व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
मरीज का चयन व प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग: ऑपरेशन से पहले की सटीक रणनीति
सर्जिकल एप्रोच व एक्सपोजर: घुटने के जोड़ तक सुरक्षित पहुंच
बोन्स कट व इम्प्लांट पोजिशनिंग: हड्डियों की सही कटिंग और इम्प्लांट की सटीक फिटिंग
सॉफ्ट-टिश्यू बैलेंसिंग: लिगामेंट्स का संतुलन और अलाइनमेंट तकनीक
पोस्ट-ऑपरेटिव केयर: सर्जरी के बाद मरीज की देखभाल और पुनर्वास
व्यावहारिक चुनौतियों पर हुई संवादात्मक चर्चा
संवादात्मक सत्रों के दौरान युवा डॉक्टरों ने प्राथमिक घुटना प्रत्यारोपण (Primary TKA) के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, जटिल मामलों में सर्जिकल निर्णय लेने की प्रक्रिया और उनके व्यवस्थित समाधान पर विशेषज्ञों से खुलकर सवाल पूछे।
यह आयोजन रिम्स रांची के हड्डी रोग विभाग की उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा, व्यावहारिक शल्य प्रशिक्षण तथा जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में निरंतर कौशल विकास की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।