Home » उज्ज्वला योजना में कटौती पर भड़की कांग्रेस: बोली— गरीबों की रसोई पर चला बुलडोजर
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसकी नीतियों का सबसे बड़ा बोझ देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों पर पड़ता है। LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बीच सरकार ने चुपचाप प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रियायती सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर केवल 4 कर दी है। यह फैसला सीधे-सीधे गरीब परिवारों की रसोई पर आर्थिक हमला है।ऋषीकेश सिंह ने कहा कि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े पैमाने पर प्रचार कर महिलाओं को धुएं वाले चूल्हों से मुक्ति दिलाने का वादा किया था और साल में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर देने की बात कही थी। लेकिन पहले 12 से घटाकर 9 और अब 9 से घटाकर केवल 4 सिलेंडर कर दिए गए हैं। अर्थात “12 का वादा, 4 का इरादा” ही मोदी सरकार की असली नीति बन गई है। उज्ज्वला योजना का प्रचार हर पेट्रोल पंप, चौक-चौराहे और सरकारी विज्ञापनों में किया गया, लेकिन आज वही सरकार गरीब महिलाओं को गैस सिलेंडर भरवाने लायक भी नहीं छोड़ रही है।
प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कहा कि यदि किसी परिवार को साल में 9 की जगह केवल 4 सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी तो बाकी 5 सिलेंडर बाजार मूल्य पर खरीदने पड़ेंगे, जिससे प्रत्येक परिवार पर लगभग 1,500 रुपये का अतिरिक्त वार्षिक बोझ पड़ेगा। सरकार स्वयं दावा करती है कि देश में लगभग 10.5 करोड़ उज्ज्वला कनेक्शन दिए गए हैं। इस हिसाब से गरीब परिवारों की जेब से करीब 15,750 करोड़ रुपये अतिरिक्त निकालने की तैयारी की गई है। यह गरीबों की सहायता नहीं, बल्कि गरीबों से वसूली है।ऋषीकेश सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में गरीबों के अधिकार लगातार कमजोर किए गए हैं। पहले मनरेगा को कमजोर किया गया और अब गरीबों की रसोई पर हमला किया जा रहा है। LPG की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण करोड़ों उज्ज्वला लाभार्थी नियमित रूप से सिलेंडर रिफिल नहीं करा पा रहे हैं और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं फिर से लकड़ी, उपले और पारंपरिक चूल्हों का उपयोग करने को मजबूर हैं। इससे मोदी सरकार के महिला सशक्तिकरण और गरीब कल्याण के दावों की सच्चाई सामने आ जाती है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कहा कि UPA सरकार के समय रसोई गैस पर सब्सिडी की व्यवस्था व्यापक थी और आम परिवारों को राहत मिलती थी, जबकि वर्तमान सरकार लगातार सब्सिडी का दायरा घटाकर महंगाई का बोझ बढ़ा रही है। उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार से सवाल किया कि गरीबों के पेट पर लात मारकर, महिलाओं की रसोई उजाड़कर और उनकी जेब पर बोझ डालकर आखिर किस प्रकार का “गरीब कल्याण” किया जा रहा है?ऋषीकेश सिंह ने मांग की उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए, LPG की कीमतों में कमी लाई जाए तथा गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।