Home » गम्हरिया थाने में महिला से दुष्कर्म की कोशिश का आरोप, सीमा सिंह ने सरकार को घेरा!
गम्हरिया थाने में महिला से कथित दुष्कर्म की कोशिश: रक्षक ही बने भक्षक, सीमा सिंह ने सरकार को घेरा !
झारखंड प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष सीमा सिंह ने सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने में एक पीड़ित महिला के साथ पुलिसकर्मी द्वारा कथित दुष्कर्म की कोशिश की घटना पर गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की है।
सरायकेला-खरसावां / रांची: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने के भीतर एक पीड़ित महिला के साथ पुलिसकर्मी द्वारा कथित रूप से दुष्कर्म की कोशिश का मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
झारखंड प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष सीमा सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि जब थाने के अंदर ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो राज्य की आम महिलाएं अपनी सुरक्षा की उम्मीद किससे करें?
थाने में न्याय मांगने गई महिला के साथ घिनौनी हरकत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने पारिवारिक विवाद को सुलझाने और न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंची थी। रात होने और डर के कारण वह थाने में ही रुक गई थी, लेकिन जिस स्थान पर उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, वहीं उसकी अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास किया गया। सीमा सिंह ने कहा कि यह सिर्फ एक महिला के साथ ज्यादती नहीं, बल्कि पूरी पुलिस व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग है।
सरकार के दावों पर उठे सवाल
सीमा सिंह ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े चिंताजनक रहे हैं, और गम्हरिया की इस घटना ने सरकार के तमाम सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।
भाजपा महिला मोर्चा की मुख्य मांगें:
कठोर कार्रवाई: आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
निष्पक्ष जांच: मामले की उच्चस्तरीय और पूरी तरह निष्पक्ष जांच हो, ताकि लीपापोती की कोई गुंजाइश न बचे।
पीड़िता की सुरक्षा: पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा और सम्मान दिलाया जाए।
सार्वजनिक हो सच: सरकार अपना चेहरा बचाने के बजाय पूरे मामले का सच जनता के सामने रखे।
सीमा सिंह ने अंत में कहा कि झारखंड की महिलाएं केवल कागजी आश्वासनों और बयानबाजी से संतुष्ट होने वाली नहीं हैं, उन्हें वास्तविक सुरक्षा, सम्मान और त्वरित न्याय चाहिए। दोषी चाहे किसी भी पद पर क्यों न हो, उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।