Home » भारत में Telegram हुआ बैन, प्ले स्टोर से भी हटा; NEET UG परीक्षा से पहले सरकार का बड़ा एक्शन, जानें पूरी वजह
NEET UG परीक्षा से पहले भारत सरकार का बड़ा धमाका: टेलीग्राम 22 जून तक ‘टेम्पररी बैन’; गूगल प्ले स्टोर से ऐप गायब, ऐपल भी करेगा रिमूव!
NTA की सिफारिश पर लिया गया ऐतिहासिक फैसला, पेपर लीक माफिया और फेक चैनलों पर कड़ा प्रहार; बैन से भड़के CEO पावेल दुरोव, दिया बड़ा बयान
नई दिल्ली, 17 जून 2026:
देश के करोड़ों युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) को 22 जून 2026 तक के लिए अस्थायी रूप से (Temporary Ban) प्रतिबंधित कर दिया है।
इस बैन का सीधा असर दिखने लगा है और दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) ने भारत में अपने प्ले स्टोर (Play Store) से टेलीग्राम ऐप को पूरी तरह हटा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, आईफोन निर्माता कंपनी ऐपल (Apple) भी जल्द ही अपने ऐप स्टोर से इसे रिमूव कर सकती है।
📊 टेलीग्राम बैन 2026: आखिर क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?
इस अचानक लगे प्रतिबंध की टाइमलाइन, मुख्य कारण और इसपर दोनों पक्षों के बयानों का पूरा विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
मुख्य पहलू (Aspect)
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सरकार और टेलीग्राम से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी
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बैन की अवधि
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17 जून से 22 जून 2026 तक (अस्थायी प्रतिबंध)
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सिफारिशकर्ता संस्था
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA – National Testing Agency)
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मुख्य कारण
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21 जून 2026 को होने वाली NEET UG परीक्षा से पहले पेपर लीक के फेक मैसेज और अफवाहों को रोकना।
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भारत में यूजर्स संख्या
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करीब 15 करोड़ (150 Million) एक्टिव रेगुलर यूजर्स प्रभावित।
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वर्तमान स्थिति
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गूगल प्ले स्टोर से ऐप डिलीट, मौजूद ऐप पर भी जल्द लग सकती है रोक।
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🛑 NTA की दलील— “कोई नया पेपर लीक नहीं हुआ, लेकिन फेक मैसेज से डिप्रेशन में थे छात्र”
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के प्रमुख के मुताबिक, हाल-फिलहाल में कोई भी नया पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया था। लेकिन, टेलीग्राम पर ‘Paper Leak NEET’ जैसे सैकड़ों फर्जी चैनल और ग्रुप एक्टिव हो गए थे, जो नकली प्रश्नपत्रों के जरिए छात्रों के बीच भारी तनाव और डर का माहौल पैदा कर रहे थे।
एजेंसी ने टेलीग्राम को लगभग एक महीने तक लगातार मॉनिटर किया। NTA को अंदेशा था कि 21 जून को होने वाली परीक्षा के समय पेपर लीक माफिया टेलीग्राम का इस्तेमाल कर अपना बड़ा रैकेट चला सकते हैं, जिसे रोकने के लिए परीक्षा संपन्न होने (22 जून) तक ऐप को ब्लॉक करना बेहद जरूरी था।
😡 बैन पर भड़के टेलीग्राम CEO पावेल दुरोव, बोले— ‘अपराधियों की जगह 15 करोड़ यूजर्स को मिल रही सजा’
भारत सरकार के इस कड़े फैसले पर टेलीग्राम के फाउंडर और सीईओ पावेल दुरोव (Pavel Durov) ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। दुरोव ने अपने आधिकारिक बयान में कहा:
“इस प्रतिबंध की वजह से टेलीग्राम के 15 करोड़ भारतीय रेगुलर यूजर्स को बिना किसी कसूर के सजा मिल रही है। सरकार को एक्शन उन मुट्ठी भर अपराधियों पर लेना चाहिए जो पेपर लीक की फर्जी जानकारियां फैला रहे हैं, न कि पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना चाहिए। वैसे भी इस बैन का कोई खास मतलब नहीं है, क्योंकि जो लोग गलत काम करना चाहते हैं, वे दूसरे ऐप्स का भी सहारा ले सकते हैं।”
🤝 कंपनी ने किया था पूरा सहयोग, फिर भी भुगतना पड़ा खामियाजा
हैरानी की बात यह है कि नीट यूजी पेपर लीक विवाद के सामने आने के बाद टेलीग्राम प्रबंधन ने भारत सरकार और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया था। कंपनी ने अपनी पॉलिसी के तहत ऐसे कई संदिग्ध चैनलों और ग्रुप्स को तुरंत डिलीट कर दिया था जो पेपर लीक का दावा कर रहे थे। पिछले कुछ हफ्तों में इस कार्रवाई के चलते कई ऐसे फर्जी रैकेट का भंडाफोड़ भी हुआ था जो छात्रों से पैसे ठगने के लिए फर्जी पेपर बेच रहे थे। बहरहाल, सरकार ने किसी भी रिस्क से बचने के लिए फिलहाल इस ऐप को पूरी तरह होल्ड पर डाल दिया है।