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भूमि संरक्षण योजनाओं का पूरा डाटा वेबसाइट पर दर्ज करे निदेशालय: मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की !
रांची :जल संरक्षण, आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाना ही सतत कृषि की आधारशिला है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने जेएमटीटीसी (JMTTC) भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विभागीय योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका वास्तविक प्रभाव खेतों और किसानों की जेब तक दिखना चाहिए।
🚨 मंत्री द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश (Key Highlights)
💡 “योजनाओं की सफलता केवल निर्माण पूरा होने से नहीं, बल्कि उससे किसानों और ग्रामीण समुदाय के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव (Social Impact) से तय होगी।”
— शिल्पी नेहा तिर्की, कृषि मंत्री
1. 🌐 पारदर्शी व्यवस्था और जीओ-टैगिंग से निगरानी
डाटा अपलोड: भूमि संरक्षण निदेशालय को पिछले 5 वर्षों में निष्पादित सभी कार्यों का पूरा डाटा विभागीय वेबसाइट पर दर्ज करने का निर्देश।
डिजिटल डैशबोर्ड: योजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तरीय डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा, जहाँ हर योजना जीओ-टैग्ड (Geo-tagged) तस्वीरों के साथ दर्ज होगी।
2. ⏱️ 15 दिनों में BPCD की प्रक्रिया पूरी करने का अल्टीमेटम
समय-सीमा: बिरसा पक्का चेक डैम (BPCD) के स्थल चयन एवं प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया अगले 15 दिनों के भीतर पूरी कर प्रस्ताव निदेशालय को भेजने का कड़ा निर्देश।
बकाया भुगतान: पिछले वर्ष की देनदारियों और बकाया भुगतान को अगस्त के अंत तक अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा गया है।
3. 🚜 SMAM में 100% लक्ष्य प्राप्ति और कृषि यंत्रीकरण
कोई बहाना नहीं: कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM) के तहत इस वर्ष 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुराने आवेदनों पर विचार: पिछले वर्ष स्वीकृत न हो सके पात्र आवेदनों को खारिज करने के बजाय चालू वित्तीय वर्ष में नियमानुसार प्राथमिकता दी जाएगी।
स्थानीय जरूरतें: जिलों को अनुपयोगी कृषि उपकरणों को हटाने और स्थानीय आवश्यकता के अनुसार नए उपकरण जोड़ने का सुझाव देने को कहा गया।
4. 👥 जनप्रतिनिधियों से समन्वय और सोशल इंपैक्ट स्टडी
जनप्रतिनिधि कार्यशाला: 15 अगस्त के बाद सभी जिलों में जिला परिषद सदस्यों, प्रमुख, मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
तालाब जीर्णोद्धार: तालाबों के जीर्णोद्धार में स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों की अनुशंसाओं को शामिल कर भ्रम की स्थिति में सीधा समन्वय स्थापित किया जाएगा।
सोशल इंपैक्ट स्टडी: हर जिले में पिछले 5 वर्षों की योजनाओं का सामाजिक प्रभाव अध्ययन (Social Impact Study) कृषक मित्रों और VLW के माध्यम से कराया जाएगा।
🚜 महिला समूहों को मिला ट्रैक्टर का उपहार
कार्यशाला के अवसर पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की द्वारा तीन लाभुक महिला समूहों को ट्रैक्टर वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रीकरणभूमि संरक्षण योजनाओं का पूरा डाटा वेबसाइट पर दर्ज करे निदेशालय: मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की
रांची | 13 अगस्त 2026
जल संरक्षण, आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाना ही सतत कृषि की आधारशिला है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने जेएमटीटीसी (JMTTC) भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विभागीय योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका वास्तविक प्रभाव खेतों और किसानों की जेब तक दिखना चाहिए।
🚨 मंत्री द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश (Key Highlights)
💡 “योजनाओं की सफलता केवल निर्माण पूरा होने से नहीं, बल्कि उससे किसानों और ग्रामीण समुदाय के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव (Social Impact) से तय होगी।”
— शिल्पी नेहा तिर्की, कृषि मंत्री
1. 🌐 पारदर्शी व्यवस्था और जीओ-टैगिंग से निगरानी
डाटा अपलोड: भूमि संरक्षण निदेशालय को पिछले 5 वर्षों में निष्पादित सभी कार्यों का पूरा डाटा विभागीय वेबसाइट पर दर्ज करने का निर्देश।
डिजिटल डैशबोर्ड: योजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तरीय डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा, जहाँ हर योजना जीओ-टैग्ड (Geo-tagged) तस्वीरों के साथ दर्ज होगी।
2. ⏱️ 15 दिनों में BPCD की प्रक्रिया पूरी करने का अल्टीमेटम
समय-सीमा: बिरसा पक्का चेक डैम (BPCD) के स्थल चयन एवं प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया अगले 15 दिनों के भीतर पूरी कर प्रस्ताव निदेशालय को भेजने का कड़ा निर्देश।
बकाया भुगतान: पिछले वर्ष की देनदारियों और बकाया भुगतान को अगस्त के अंत तक अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा गया है।
3. 🚜 SMAM में 100% लक्ष्य प्राप्ति और कृषि यंत्रीकरण
कोई बहाना नहीं: कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM) के तहत इस वर्ष 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुराने आवेदनों पर विचार: पिछले वर्ष स्वीकृत न हो सके पात्र आवेदनों को खारिज करने के बजाय चालू वित्तीय वर्ष में नियमानुसार प्राथमिकता दी जाएगी।
स्थानीय जरूरतें: जिलों को अनुपयोगी कृषि उपकरणों को हटाने और स्थानीय आवश्यकता के अनुसार नए उपकरण जोड़ने का सुझाव देने को कहा गया।
4. 👥 जनप्रतिनिधियों से समन्वय और सोशल इंपैक्ट स्टडी
जनप्रतिनिधि कार्यशाला: 15 अगस्त के बाद सभी जिलों में जिला परिषद सदस्यों, प्रमुख, मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
तालाब जीर्णोद्धार: तालाबों के जीर्णोद्धार में स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों की अनुशंसाओं को शामिल कर भ्रम की स्थिति में सीधा समन्वय स्थापित किया जाएगा।
सोशल इंपैक्ट स्टडी: हर जिले में पिछले 5 वर्षों की योजनाओं का सामाजिक प्रभाव अध्ययन (Social Impact Study) कृषक मित्रों और VLW के माध्यम से कराया जाएगा।
🚜 महिला समूहों को मिला ट्रैक्टर का उपहार
कार्यशाला के अवसर पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की द्वारा तीन लाभुक महिला समूहों को ट्रैक्टर वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रीकरण से महिला समूहों को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
👥 कार्यक्रम में प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विभागीय सचिव अबूबकर सिद्दीक़, भूमि संरक्षण निदेशक विकास कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और जिला भूमि संरक्षण अधिकारी (DSCO/SCO) उपस्थित थे। कार्यशाला के समापन पर सभी जिलों से सुझाव के रूप में श्वेत पत्र (White Paper) माँगा गया है। से महिला समूहों को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
👥 कार्यक्रम में प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विभागीय सचिव अबूबकर सिद्दीक़, भूमि संरक्षण निदेशक विकास कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और जिला भूमि संरक्षण अधिकारी (DSCO/SCO) उपस्थित थे। कार्यशाला के समापन पर सभी जिलों से सुझाव के रूप में श्वेत पत्र (White Paper) माँगा गया है।