Home » झारखण्ड एसआईआर-2026: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों से मांगा सहयोग !
एसआईआर-2026: झारखण्ड में मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में राजनीतिक दलों का सहयोग अपेक्षित– के. रवि कुमार !
रांची। झारखण्ड में आगामी एसआईआर-2026 (Special Summary Revision) के तहत राज्य के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करने की कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को निर्वाचन सदन, रांची में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार की अध्यक्षता में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का प्राथमिक लक्ष्य एक पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है, जिसके लिए सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय सहभागिता बेहद जरूरी है।
राजनीतिक दलों को पेनड्राइव में सौंपा गया बूथवार डेटा
बैठक में निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य के सभी मतदान केंद्रों से संबंधित नो-मैपिंग और विसंगतियों (Discrepancies) का बूथवार डेटा पेनड्राइव के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंपा गया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस डेटा को अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) एवं BLA2 के साथ समय पर साझा करें। बीएलए की सक्रियता से मतदाता सूची का सटीक और कंक्रीट एडिट (Concrete Edit) समय रहते सुनिश्चित किया जा सकेगा।
विसंगतियों वाले मतदाताओं के लिए आयोजित होंगे आउटरीच कैंप
बैठक के दौरान उन मतदाताओं पर विशेष चर्चा हुई जिन्हें विभिन्न विसंगतियों या नो-मैपिंग के कारण नोटिस जारी किए गए थे:
सुनवाई में दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले मतदाता: कई मतदाताओं ने ईआरओ (ERO) स्तर पर आयोजित सुनवाई के दौरान अपने आवश्यक दस्तावेज जमा करा दिए हैं।
अनुपस्थित रहे मतदाता: कुछ ऐसे मतदाता जिनका नाम वर्ष 2024 की मतदाता सूची में था और जिन्होंने इन्यूमरेशन फॉर्म भी भरा था, लेकिन वे नोटिस की सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सके, उन्हें विशेष अवसर दिया जाएगा।
के. रवि कुमार ने बताया कि ऐसे मतदाताओं को चिन्हित करने के लिए विशेष आउटरीच कार्यक्रम और स्पेशल कैंप आयोजित किए जाएंगे। संबंधित ईआरओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारी आवश्यकतानुसार भौतिक सत्यापन/निरीक्षण करेंगे और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लेंगे।
संवेदनशील व विशेष समूहों पर रहेगा खास फोकस
निर्वाचन आयोग ने यह निर्देश जारी किया है कि विशेष परिस्थितियों वाले मतदाताओं का नाम किसी भी हाल में छूटने न पाए। इनमें शामिल हैं:
पीवीटीजी (PVTG) एवं जनजातीय समूह
दिव्यांगजन (PwD) और वृद्ध मतदाता
ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा, “एसआईआर-2026 का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि झारखण्ड का कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अपने अधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए राजनीतिक दल भी अपने स्तर से पात्र मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें प्रक्रिया की जानकारी देने में सहयोग करें।”
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार समेत सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि उपस्थित थे।