Home » BJP vs Congress in Jharkhand: ‘भाजपा को हर मुसलमान में घुसपैठिया दिखता है’ – कांग्रेस का करारा हमला
“भाजपा को हर मुसलमान में घुसपैठिया दिखता है, क्योंकि उसके पास जनता के मुद्दों का जवाब नहीं” : कांग्रेस
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने मतदाता सूची की समीक्षा (SIR) और घुसपैठ के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हालिया बयानों पर जोरदार पलटवार किया है। राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा की राजनीति का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि उसे हर मुस्लिम नागरिक ‘घुसपैठिया’ और हर चुनावी अधिकारी ‘विपक्ष का एजेंट’ नजर आने लगा है।
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि पार्टी पहले यह साफ करे कि उसे निष्पक्ष मतदाता सूची की जांच चाहिए या फिर धर्म के आधार पर मतदाताओं की छंटनी करनी है।
“हवा में घुसपैठिए तलाशना बंद करे भाजपा”
राकेश सिन्हा ने कहा, “अगर किसी व्यक्ति की नागरिकता या मतदाता सूची में नाम को लेकर वास्तविक और कानूनी आपत्ति है, तो इसके लिए देश के संविधान और कानून ने एक तय प्रक्रिया बनाई है। भाजपा के पास यदि कोई ठोस प्रमाण है तो उसे जनता और आयोग के सामने लाए, वरना हवा में ‘घुसपैठिए-घुसपैठिए’ चिल्लाना बंद करे।”
उन्होंने भाजपा के उस आरोप को हास्यास्पद बताया जिसमें कहा गया था कि रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने पहले से ही Form-7 न लेने का मन बना रखा है। सिन्हा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा के पास अपनी बात साबित करने के लिए दस्तावेज हैं, तो वह केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बजाय प्रमाण लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाए। संविधान किसी राजनीतिक दल के कार्यालय से नहीं, बल्कि कानून से चलता है।
संताल परगना को निशाना बनाने का आरोप
संताल परगना के जिलों का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि साहिबगंज, पाकुड़ और दुमका जैसे इलाकों के नाम लेकर एक पूरे समुदाय को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। कुछ कथित मामलों की आड़ लेकर लाखों वैध भारतीय नागरिकों की निष्ठा और नागरिकता पर सवाल उठाना भाजपा की पुरानी ‘बांटने वाली राजनीति’ का नया रूप है।
उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा:
प्रमाण सार्वजनिक करें: यदि भाजपा के पास कथित घुसपैठियों के नाम, पते और पक्के सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए।
डर का व्यापार बंद हो: केवल ‘घुसपैठिया’ शब्द का शोर मचा देने भर से कोई भारतीय नागरिक गैर-नागरिक नहीं हो जाता।
“असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश”
राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य में भाजपा के पास महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और युवाओं के भविष्य जैसे बुनियादी सवालों का कोई जवाब नहीं है। इसी वजह से हर चुनाव के आते ही एक नया डर पैदा किया जाता है—कभी धर्म का डर, कभी घुसपैठ का डर, तो कभी SIR प्रक्रिया का डर।
उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड की जनता अब इस ‘डर की दुकान’ के झांसे में आने वाली नहीं है।
चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था, भाजपा की राजनीतिक शाखा नहीं
कांग्रेस प्रवक्ता ने अधिकारियों और चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, भाजपा का कोई मोर्चा या राजनीतिक शाखा नहीं। चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों को डराना, धमकाना और पूरी चुनावी प्रक्रिया को संदेहास्पद बताना भाजपा की बढ़ती बौखलाहट को दर्शाता है।
आखिर में उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में किसी भी मतदाता की प्राथमिक पहचान उसका संवैधानिक अधिकार होती है, उसका धर्म नहीं। भाजपा को धर्म के नाम पर माहौल को जहरीला बनाना बंद करना चाहिए।