Home » CAG रिपोर्ट ने खोली हेमंत सरकार की पोल, बाबूलाल मरांडी बोले- जल जीवन, आवास और मनरेगा में भारी धांधली !
सीएजी रिपोर्ट ने खोली हेमंत सरकार की विफलताओं की पोल: बाबूलाल मरांडी !
जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा में गंभीर अनियमितताएं; वित्तीय कुप्रबंधन से ग्रामीणों को भुगतना पड़ा खामियाजा !
रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि CAG रिपोर्ट ने राज्य सरकार की प्रशासनिक अक्षमता, योजनाओं के क्रियान्वयन में घोर लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं की पोल खोल कर रख दी है। सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत और सरकार के अपने आंकड़े ही उसकी विफलताओं को बयां कर रहे हैं।
🚨 योजनाओं में धांधली: CAG रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य में चल रही प्रमुख विकास योजनाओं में हुई अनियमितताओं को बिंदुवार उजागर किया:
जल जीवन मिशन में टेंडर घोटाला:
निविदा प्रक्रियाओं (Tendering) में पारदर्शिता का अभाव रहा और कई टेंडरों में प्रतिस्पर्धा बेहद कम थी।
अनुमानित लागत से अधिक दर पर काम बांटे गए।
CAG ने एक ऐसे ठेकेदार को ₹148 करोड़ का काम देने पर सवाल उठाया, जिसकी टेंडर क्षमता पहले से नकारात्मक (Negative) थी।
मिलीभगत का खेल: रांची-पूर्वी और खूंटी प्रमंडल में सिर्फ दो बोलीदाता थे और जांच में सामने आया कि दोनों के डिमांड ड्राफ्ट (DD) एक-दूसरे द्वारा खरीदे गए थे।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G) में देरी:
राज्य सरकार द्वारा लक्ष्य और लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप देने में अत्यधिक देरी की गई।
इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण 22.34 लाख पात्र परिवारों में से 6.32 लाख गरीब परिवार बेघर ही रह गए और योजना से बाहर हो गए।
मनरेगा (MGNREGA) में फंड का विलंब और दुरुपयोग:
जरूरतमंद ग्रामीणों को समय पर रोजगार देने वाली इस योजना में फंड जारी करने में 40 से 55 दिनों की देरी की गई।
सीएजी ने कई ऐसे खर्चों को पकड़ा है जो योजना के नियमों के तहत स्वीकार्य ही नहीं थे।
📉 वित्तीय कुप्रबंधन और फंड का अनुपयोग
बाबूलाल मरांडी ने बताया कि हेमंत सरकार वित्तीय प्रबंधन के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है:
मद / विवरणआंकड़े / वित्तीय स्थिति
लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC Pending)31 मार्च 2025 तक ₹1,60,565 करोड़ के खर्च का हिसाब (UC) पेंडिंग
2024-25 का बिना खर्च हुआ बजटकुल ₹1,50,938.84 करोड़ में से ₹31,110 करोड़ (20.61%) खर्च नहीं हुआ
केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) का फंड13 योजनाओं के ₹1,916.63 करोड़ में से ₹596.02 करोड़ (31.10%) बिना इस्तेमाल पड़ा रहा
केंद्र सरकार जब गरीबों और ग्रामीणों के लिए संसाधन उपलब्ध करा रही है, तब राज्य सरकार का दायित्व है कि योजनाओं को पारदर्शी तरीके से लागू करे। लेकिन हेमंत सरकार राशि खर्च करने, हिसाब देने और जमीन पर काम उतारने—तीनों मोर्चों पर फेल रही है।”
— बाबूलाल मरांडी, नेता प्रतिपक्ष
📢 आंदोलनकारी छात्रों को धमकाने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाबूलाल मरांडी ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी छात्रों के आंदोलन का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कल देर रात रांची के DC और SSP द्वारा धरनास्थल पर जाकर छात्रों को कथित तौर पर धमकाने पर कड़ा ऐतराज जताया।
मरांडी ने मांग की कि सरकार द्वारा छात्रों से बातचीत के लिए गठित चार मंत्रियों की समिति या तो तुरंत आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता शुरू करे या फिर इस समिति को अविलंब भंग कर दिया जाए।
उपस्थिति: इस संवाददाता सम्मेलन में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार, मृत्युंजय शर्मा एवं के.के. गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।