Home » झारखंड में 72वाँ वन्यजीव सप्ताह (2-7 अक्टूबर 2026): जानिए पूरा शेड्यूल, प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम
झारखंड में 2 से 7 अक्टूबर तक मनाया जाएगा 72वाँ वन्यजीव सप्ताह; प्रभात फेरी, वॉकाथॉन और प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन !
रांची: वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार द्वारा राज्यभर में 2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक 72वें वन्यजीव सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन में प्रभात फेरी, 10 किमी वॉकाथॉन, बर्ड वॉचिंग, स्कूली बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं, राज्य स्तरीय कार्यशालाएं और अंतर-विभागीय बैठकें आयोजित की जाएंगी।
वन्यजीव सप्ताह का उद्देश्य और झारखंड का महत्व
प्रतिवर्ष अक्टूबर के पहले सप्ताह में वन्यजीव सप्ताह मनाने का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं और छात्रों को वन्यजीवों तथा उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
झारखंड अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। राज्य में बेतला टाइगर रिजर्व जैसे राष्ट्रीय उद्यान और हाथियों के लिए प्रसिद्ध दलमा अभयारण्य शामिल हैं। यह प्राकृतिक धरोहर राज्य की पहचान है, जिसे सुरक्षित रखना इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है।
2 से 7 अक्टूबर 2026 का पूरा शेड्यूल
2 अक्टूबर (शुक्रवार): डोरंडा स्थित पलाश हॉल में राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह तथा प्रमंडल स्तर पर “प्रभात फेरी” व वॉकाथॉन का आयोजन।
3 अक्टूबर (शनिवार): राज्य के संरक्षित क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण और बर्ड वॉचिंग।
4 अक्टूबर (रविवार): प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF), झारखंड द्वारा रांची में 10 किलोमीटर लंबी वॉकाथॉन की शुरुआत।
5 अक्टूबर (सोमवार): जिला स्तर पर स्कूली बच्चों के लिए पेंटिंग, ड्राइंग और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन।
6 अक्टूबर (मंगलवार):
सुबह 10:00 से 11:00 बजे: वन्यजीव अपराध नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर पुलिस, रेलवे, विद्युत एवं पशुपालन विभाग के साथ अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक।
सुबह 11:30 से दोपहर 2:00 बजे (होटल बीएनआर चाणक्य, रांची): वन्यजीव गलियारों (Corridors) की पहचान, संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने पर कार्यशाला।
दिन भर फोटोग्राफी प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी।
7 अक्टूबर (बुधवार): 72वें वन्यजीव सप्ताह का भव्य समापन समारोह।
सुरक्षा और संरक्षण पर विशेष ध्यान
रेल पटरियों और बिजली की लाइनों से होने वाली वन्यजीव दुर्घटनाओं को रोकने तथा शिकार जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ तालमेल मजबूत कर रहा है। इसके साथ ही विशेषज्ञों की उपस्थिति में हाथियों व अन्य वन्यजीवों के गलियारों को चिह्नित कर उनके संरक्षण की रणनीति बनाई जाएगी।
मीडिया और आम जनमानस से अपील
मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी), झारखंड ने राज्य के सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और मीडिया प्रतिनिधियों से इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की अपील की है।