Home » झारखंड डिजिटल हेल्थ क्रांति: रोबोटिक सर्जरी और टेलीमेडिसिन से बदलेगी राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था | डॉ. इरफान अंसारी
डिजिटल हेल्थ से रोबोटिक सर्जरी तक: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी में सरकार !
रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर रोडमैप तैयार किया है। रांची में आयोजित डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का कायाकल्प करने के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को साझा किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाना सरकार का मुख्य संकल्प है, ताकि गंभीर से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए प्रदेश के नागरिकों को दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
रोबोटिक सर्जरी और टेलीमेडिसिन से सुदूर गांवों तक पहुंचेगा इलाज
डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव में सरकार ने आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर सबसे अधिक जोर दिया। मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी, टेली-आईसीयू, एआई (AI) और टेलीमेडिसिन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञ डॉक्टरों से जोड़ा जाएगा।
मोबाईल फोन के जरिए मरीजों को स्वास्थ्य सलाह और डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य के गरीब और ग्रामीण इलाकों के लोगों को समय पर सटीक और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।
मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी MBBS सीटें, डॉक्टरों की कमी होगी दूर
राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करना हेमंत सोरेन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पर्याप्त संख्या में योग्य डॉक्टरों और विशेषज्ञ स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती कर ग्रामीण एवं शहरी अस्पतालों को मजबूत बनाया जाएगा।
इसके अलावा, कोयला प्रभावित क्षेत्रों की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वहां बेहतर सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की स्थाई नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग और योजना पर काम तेजी से जारी है।
रिसर्च सेंटर की स्थापना और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा
झारखंड को हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने के लिए सरकार निजी अस्पतालों और प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों को राज्य में निवेश करने का आमंत्रण दे रही है।
मेडिकल रिसर्च सेंटर: स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ठाकुर क्षेत्र में अत्याधुनिक मेडिकल रिसर्च सेंटर स्थापित करने की तैयारी चल रही है।
मेडिकल टूरिज्म: राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सुधरते मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के बल पर झारखंड को मेडिकल टूरिज्म का केंद्र बनाने की योजना है, जिससे पड़ोसी राज्यों के मरीज भी किफायती और बेहतर इलाज के लिए झारखंड रुख कर सकें।
गांव और गरीब तक पहुंचेगा आधुनिक स्वास्थ्य ढांचा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “तकनीक डॉक्टरों की क्षमता बढ़ाने का माध्यम है। हमारा लक्ष्य आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को राज्य के हर गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। डिजिटल क्रांति और मजबूत मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ झारखंड जल्द ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मॉडल और आत्मनिर्भर राज्य बनेगा।”