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झारखंड में परीक्षाओं पर बड़ा फैसला: JSSC CGL समेत कई भर्तियां रद्द, 2600 से अधिक नौकरियों पर पड़ा असर; CID करेगी पुरानी परीक्षाओं की जांच !
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य की भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शी व्यवस्था कायम करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने JSSC CGL समेत कई प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। SIT और CID की जांच रिपोर्टों के आधार पर लिए गए इस फैसले से राज्य के हजारों अभ्यर्थियों और नव-नियुक्त अधिकारियों के भविष्य पर सीधा असर पड़ा है।
नौकरियों पर बड़ा असर: 2,600 से अधिक पद प्रभावित
विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षाओं के रद्द होने से लगभग 2,600 से अधिक पदों पर चयनित या प्रक्रियाधीन उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हुआ है:
JSSC CGL: 1,932 युवाओं की नियुक्ति प्रक्रिया पर असर।
11वीं–13वीं JPSC: 342 अफसरों की नौकरी प्रभावित।
महिला पर्यवेक्षिका: 237 पदों पर असर।
SDPO (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी): 63 अधिकारियों के पद।
FRO (फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर): 54 अधिकारियों की नौकरियां।
रद्द की गई प्रमुख परीक्षाओं की सूची
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित प्रमुख विज्ञापनों और परीक्षाओं को रद्द/स्थगित कर दिया गया है:
विश्वविद्यालय भर्ती: गैर-शैक्षणिक (नॉन-टीचिंग) पदों पर भर्ती (विज्ञापन 09/2025)।
तकनीकी व वैज्ञानिक पद: सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (10/2025 व 11/2025)।
चिकित्सा व तकनीकी शिक्षा:
ड्रग इंस्पेक्टर (12/2025)
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर (02/2026)
सरकारी एवं महिला पॉलिटेक्निक में लेक्चरर (03/2026 व 04/2026)
मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर (07/2026)
सिविल व न्यायिक सेवाएं:
सिविल जज (जूनियर डिवीजन)
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025 (नियमित एवं बैकलॉग)
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023 (नियमित एवं बैकलॉग)
6वीं लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर भर्ती (11/2018)
अन्य प्रमुख पद: सहायक वन संरक्षक, वन रेंज अधिकारी, सहायक लोक अभियोजक (APP), फूड सेफ्टी ऑफिसर, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (CDPO), और झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET 2024)।
एजेंसी क्रेडेंशियल्स और 17 पुरानी परीक्षाओं की CID जांच
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार के कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा:
एजेंसी जांच: TDPL के अलावा जिन अन्य एजेंसियों के पास प्रारंभिक स्तर का काम था, उनकी परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। संबंधित एजेंसियों के क्रेडेंशियल्स की जांच CID को सौंपी गई है। इसमें फूड एनालिस्ट, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसीक्यूशन, फैक्ट्री इंस्पेक्टर, बॉयलर इंस्पेक्टर, प्रोजेक्ट मैनेजर और डायरेक्टर जैसे पद शामिल हैं।
17 पुरानी परीक्षाएं जांच के दायरे में: पुरानी भर्ती प्रक्रियाओं में संभावित अनियमितताओं की पड़ताल भी CID करेगी। जांच के दायरे में आने वाली प्रमुख परीक्षाओं में शामिल हैं:
5वीं संयुक्त सिविल सेवा भर्ती 2013
सिविल जज, मृदा संरक्षण अधिकारी, कृषि अधिकारी
डेंटिस्ट, भूविज्ञानी-रसायनज्ञ, सहायक अभियंता (AE) एवं डेंटल डॉक्टर भर्ती।
परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए 3 बड़े कदम
भविष्य में परीक्षाओं को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार ने निम्नलिखित बड़े निर्णय लिए हैं:
फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: JPSC और JSSC से जुड़े अनियमितता और कदाचार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए हाई कोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया गया है।
आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ (Internal Vigilance Cell): JPSC और JSSC दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी के लिए अलग सेल का गठन किया जाएगा।
उच्चस्तरीय सुधार समिति: वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में कई प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशक शामिल होंगे। यह समिति दो महीने के भीतर परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।