Home » JSSC-CGL और TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द: CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, 2014 से अब तक के भर्ती घोटालों की होगी जांच
झारखंड कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: JSSC-CGL समेत TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द, 2014 से अब तक की भर्तियों की होगी CID जांच !
राँची: झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में शुचिता को लेकर राज्य सरकार ने एक अभूतपूर्व फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन में हुई चार घंटे की मैराथन बैठक के बाद JSSC-CGL परीक्षा और विवादित एजेंसी TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को पूरी तरह से रद्द करने का ऐलान कर दिया गया है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने साल 2014 से लेकर अब तक हुई सभी परीक्षाओं की व्यापक और निष्पक्ष जांच कराने का फैसला किया है।
1. रद्द परीक्षाओं और जांच से जुड़ी 4 बड़ी बातें
JSSC-CGL और TDPL परीक्षाएं निरस्त: एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, उनके परिणाम और चयन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
2014 से अब तक की परीक्षाओं के जांच के आदेश: वर्ष 2014 से राज्य में आयोजित हुई सभी भर्ती परीक्षाओं में हुई छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की जांच की जाएगी।
उच्चस्तरीय जांच समिति: पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच की जाएगी।
SIT और CID को सख्त निर्देश: CM ने कहा कि जांच एजेंसियां किसी को भी बख्शे बिना मामले की तह तक जाकर कार्रवाई करें।
2. “जब ऑपरेशन हुआ है, तो पूरा होगा” — CM हेमंत सोरेन
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे राज्य के युवाओं को अलग खेमा नहीं मानते हैं। SIT और CID की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य और एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के संकेत मिले हैं। CM ने कहा:
“अगर परीक्षा प्रणाली के SOP का कड़ाई से पालन हुआ होता, तो ये खामियां नहीं आतीं। जब धांधली के खिलाफ ऑपरेशन शुरू हुआ है, तो यह ऑपरेशन पूरी तरह से अंजाम तक पहुंचेगा।”
3. IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में विशेष सुधार कमेटी गठित
परीक्षा तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है।
जनता से सुझाव: छात्र, अभिभावक और शिक्षक राज्य सरकार के नए ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर परीक्षा सुधार से जुड़े सुझाव दे सकते हैं।
कड़े कानून का संकल्प: राज्य सरकार ने पेपर लीक और धांधली रोकने के लिए बनाए गए सख्त कानूनों को पूरी क्षमता के साथ लागू करने का फैसला किया है।
4. नए खनन कानून पर विधानसभा का विशेष सत्र संभव
बैठक में केंद्र सरकार द्वारा खनन कानूनों (MMDR Act) में किए गए बदलावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए जल्द ही एक और बैठक होगी और जरूरत पड़ने पर झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है।