Home » डूरंड कप 2026: रांची को मिली पहली बार मेज़बानी, बिरसा मुंडा स्टेडियम में सजेगा एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट का रोमांच!
खेल इतिहास में बड़ी उपलब्धि: पहली बार रांची आ रहा है डूरंड कप, देखें पूरा शेड्यूल और टीमें
रांची : झारखंड की राजधानी रांची के खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ने जा रहा है। एशिया के सबसे पुराने और दुनिया के तीसरे सबसे पुराने प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट ‘डूरंड कप’ (Durand Cup 2026) के 135वें संस्करण की मेज़बानी इस बार पहली बार रांची को सौंपी गई है। यह राज्य में फुटबॉल को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
🗓️ रांची में कब से कब तक होंगे मैच?
डूरंड कप 2026 टूर्नामेंट की आधिकारिक शुरुआत 25 जुलाई से होने जा रही है। वहीं, रांची के खेल प्रेमी 26 जुलाई से 16 अगस्त तक इन रोमांचक मुकाबलों का लाइव लुत्फ उठा सकेंगे।
मैच का वेन्यू: रांची के सभी मुकाबले बिरसा मुंडा स्टेडियम में खेले जाएंगे। यहाँ लीग चरण के कई मैचों के साथ-साथ एक बेहद रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबला भी आयोजित किया जाएगा।
⚽ कौन-कौन सी टीमें आ रही हैं रांची?
रांची के मैदान पर इस बार घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल का जबरदस्त कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। बिरसा मुंडा स्टेडियम में उतरने वाली मुख्य टीमें इस प्रकार हैं:
जमशेदपुर एफसी (Jamshedpur FC): इंडियन सुपर लीग (ISL) की सबसे मजबूत और लोकप्रिय टीमों में से एक।
स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली (Sporting Club Delhi): घरेलू फुटबॉल की उभरती हुई टीम।
भारतीय वायुसेना (Indian Air Force): अपनी रफ्तार और अनुशासन के लिए मशहूर सेना की टीम।
डिफेंडर्स एफसी (Defenders FC – श्रीलंका): श्रीलंका सशस्त्र बलों की यह टीम पहली बार इस टूर्नामेंट का हिस्सा बन रही है, जो इंटरनेशनल लेवल का रोमांच लेकर आएगी।
🗺️ देश के 5 शहरों में सजेगा मेला, कोलकाता में महामुकाबला
इस बार डूरंड कप में कुल 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं। देश भर में फुटबॉल का क्रेज बढ़ाने के लिए इसे 5 प्रमुख शहरों में आयोजित किया जा रहा है:
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
रांची (झारखंड)
इम्फाल (मणिपुर)
शिलांग (मेघालय)
गुवाहाटी (असम)
टूर्नामेंट का ग्रैंड फाइनल मुकाबला 23 अगस्त को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्ट लेक स्टेडियम) में खेला जाएगा।
🏆 भारतीय सेना का गौरवशाली इतिहास
डूरंड कप का आयोजन भारतीय सेना द्वारा किया जाता है। यह प्रतियोगिता दशकों से देश के उभरते हुए फुटबॉलर्स को एक बड़ा मंच देती आई है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि रांची में इतने बड़े स्तर के आयोजन से न सिर्फ झारखंड के स्थानीय खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि युवाओं में फुटबॉल के प्रति एक नया जोश और रुझान भी पैदा होगा।