Home » SIR-2026 Jharkhand: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग की विशेष पहल, जानें किन्हें मिलेगी मदद !
SIR-2026 Jharkhand: कमजोर और वंचित वर्गों के लिए चुनाव आयोग की खास पहल, कोई भी पात्र नागरिक नहीं छूटेगा मतदाता सूची से
रांची :झारखंड में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने और छूटे हुए पात्र नागरिकों को जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस क्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (झारखंड) श्री के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य का एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहना चाहिए।
विशेष रूप से वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, गरीब, निराश्रित महिलाओं, अनाथों और कमजोर वर्ग के नागरिकों को दस्तावेज जुटाने से लेकर सत्यापन प्रक्रिया तक हर संभव सहयोग देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सत्यापन के लिए 3 मुख्य शर्तें
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नोटिस की सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से तीन मुख्य बिंदुओं का सत्यापन किया जाएगा:
संबंधित व्यक्ति भारत का नागरिक है या नहीं।
1 अक्टूबर 2026 को उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक पूरी हो चुकी है या नहीं।
संबंधित व्यक्ति अपने मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी है या नहीं।
यह पूरी प्रक्रिया भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत की जाएगी।
अलग-अलग वर्गों के लिए विशेष सहायता व्यवस्था
जिन नागरिकों के पास सामान्य परिस्थितियों में आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए चुनाव आयोग ने विशेष राहत दी है:
आश्रयगृहों में रहने वाले व्यक्ति और अनाथ: यदि दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो संबंधित आश्रयगृह/संस्था द्वारा जारी प्रमाण-पत्र और सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) द्वारा सत्यापित घोषणा पत्र के आधार पर नामांकन किया जाएगा।
सेक्स वर्कर्स: निवास प्रमाण पत्र की कमी के कारण किसी को रोका नहीं जाएगा। बीएलओ (BLO) स्वयं मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे कि व्यक्ति फॉर्म-6 में दिए गए पते पर रह रहा है या नहीं।
वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक: जिस वृद्धाश्रम में वे सामान्य रूप से रह रहे हैं, उसी निर्वाचन क्षेत्र से वे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं।
60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग: यदि उनके पास 12 निर्धारित दस्तावेजों में से एक भी दस्तावेज नहीं है, तो उनके वयस्क पुत्र/पुत्री के दस्तावेजों और बीएलओ के भौतिक सत्यापन के आधार पर नाम जोड़ा जा सकेगा।
ट्रांसजेंडर मतदाता: यदि दस्तावेज नहीं हैं, तो Transgender Persons (Protection of Rights) Rules, 2020 के तहत जारी पहचान पत्र या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के सहयोग से बने प्रमाण-पत्र के आधार पर कार्यवाही होगी।
शक्ति सदन की निराश्रित महिलाएं: बीएलओ स्वयं निवास स्थान पर जाकर सत्यापन करेंगे। कागजात न होने पर संस्था या जिला समाज कल्याण अधिकारी के माध्यम से दस्तावेज तैयार कराए जाएंगे।
10 अक्टूबर 2026 को लगेगा ‘मेगा हेल्प डेस्क कैंप’
राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 10 अक्टूबर 2026 को विशेष मेगा हेल्प डेस्क कैंप का आयोजन किया जाएगा।
इस कैंप का मुख्य उद्देश्य:
No Mapping या Anomalies के कारण नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं का मार्गदर्शन करना और दस्तावेज जमा कराना।
18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए युवाओं को प्रपत्र-6 (Form 6) के माध्यम से जोड़ना।
प्रवासी मतदाताओं (Migrants) का नामांकन सुनिश्चित करना।
मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधार के लिए फॉर्म-8 (Form 8) भरवाना।
“जानकारी का अभाव किसी भी पात्र भारतीय नागरिक के मतदाता सूची से वंचित रहने का कारण नहीं बनना चाहिए। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अपात्र या विदेशी नागरिक सूची में शामिल न हो सके।”
— के. रवि कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (झारखंड)