Home » झारखण्ड बनेगा देश का नया ‘टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन दिल्ली में बोले CM हेमंत सोरेन- अब ‘माइन्स’ नहीं ‘माइंड्स’ की बारी !
माइन्स’ नहीं ‘माइंड्स’ से होगी पहचान: दिल्ली में झारखण्ड के ‘नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन’ का भव्य आगाज, बोले CM हेमंत सोरेन- हम Copy-Paste नहीं, अपनी मेधा से नई राह बनाएंगे
World Economic Forum (WEF) में दस्तक देने के बाद झारखण्ड अब तकनीकी क्रांति और ‘टेक्नोलॉजी गवर्नेंस’ के अपने मौलिक मॉडल के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।
नई दिल्ली / रांची: झारखण्ड को देश का उभरता हुआ ‘टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन’ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश की राजधानी नई दिल्ली में दो दिवसीय ‘नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन’ (National Stakeholders Consultation) का भव्य आगाज हुआ। इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में देश-विदेश के दिग्गज नीति निर्माताओं, निवेशकों और टेक एक्सपर्ट्स के सामने झारखण्ड के ‘विजन 2050’ और भावी डिजिटल नीतियों का खाका पेश किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि झारखण्ड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य को लेकर एक बेहद दमदार और नया विजन देश के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखण्ड अब किसी दूसरे राज्य के विकास मॉडल की ‘कॉपी-पेस्ट’ नहीं करेगा, बल्कि अपनी स्थानीय मेधा, भूगोल और जरूरतों के हिसाब से नई राह खुद बनाएगा।
💡 सीएम हेमंत सोरेन के 4 सबसे दमदार नारे (Quotes):
”अब हमारी पहचान सिर्फ ‘माइन्स’ (Mines) से नहीं ‘माइंड’ (Mind) से भी होनी चाहिए।”
”सिर्फ ‘रिसोर्स’ (Resource) से नहीं ‘रिसर्च’ (Research) से भी होनी चाहिए।”
”सिर्फ ‘एक्सट्रैक्शन’ (Extraction) से नहीं ‘इनोवेशन’ (Innovation) से भी होनी चाहिए।”
”सिर्फ ‘ग्रोथ’ (Growth) से नहीं ‘इंक्लूसिव ग्रोथ’ (Inclusive Growth) से भी होनी चाहिए।”
WEF के बाद ‘टेक्नोलॉजी गवर्नेंस’ का नया मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी साल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (Davos) के वैश्विक मंच पर झारखण्ड की मजबूत मौजूदगी के बाद, अब राज्य तकनीकी क्रांति के अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है। झारखण्ड सरकार एक ऐसा ‘टेक्नोलॉजी गवर्नेंस’ का मौलिक मॉडल तैयार कर रही है जहां तकनीक का उपयोग केवल आर्थिक आंकड़े सुधारने के लिए नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए होगा।
इन 6 बड़ी ड्राफ्ट नीतियों पर हो रहा मंथन
कंसल्टेशन के पहले दिन सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल गवर्नेंस पर विशेष जोर रहा। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में राज्य की 6 प्रमुख ड्राफ्ट पॉलिसियों पर फीडबैक लिया गया:
झारखण्ड एआई (AI) पॉलिसी
इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी
टूरिज्म पॉलिसी
टेक्सटाइल पॉलिसी
JIADA रेगुलेशंस
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) पॉलिसी
मंच से मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखण्ड एक युवा राज्य है जो खनिज संपदा के साथ-साथ देश को बड़ी बौद्धिक पूंजी (Intellectual Capital) भी दे रहा है। सरकार का लक्ष्य युवाओं के लिए रोजगार के असीम अवसर पैदा करना और राज्य को केवल कच्चा माल देने वाले प्रदेश के बजाय एक ‘इनोवेशन और नॉलेज हब’ के रूप में स्थापित करना हैं झारखण्ड की तकनीकी प्रगति, निवेश और सरकारी नीतियों से जुड़ी हर बड़ी और लाइव अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट को फॉलो करें।