Home » झारखंड में मुहर्रम को लेकर हाई अलर्ट, 10 हजार अतिरिक्त जवान होंगे तैनात
मुहर्रम पर झारखंड में हाई अलर्ट: सुरक्षा में तैनात होंगे 10 हजार अतिरिक्त जवान; सोशल मीडिया पर पैनी नजर, जुलूस के लिए नया रूट नहीं
रांची: मुहर्रम पर्व के दौरान पूरे राज्य में अमन-चैन, भाईचारा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय ने कमर कस ली है। राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए आईआरबी (IRB), जिला पुलिस बल और होमगार्ड समेत 10,000 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा रही है। इनमें विशेष रूप से 5,850 होमगार्ड जवानों को मोर्चे पर लगाया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) ने राज्य के सभी आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी को मुहर्रम के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने का कड़ा निर्देश जारी किया है।
👮 रांची और जमशेदपुर में सबसे भारी तैनाती, 4 दिनों का कड़ा पहरा
मुख्यालय के निर्देशानुसार, सभी जिलों में लगातार चार दिनों तक अतिरिक्त बलों की तैनाती रहेगी। संवेदनशीलता को देखते हुए जिलों में जवानों का आवंटन इस प्रकार किया गया है:
रांची और जमशेदपुर: राजधानी रांची और इस्पात नगरी जमशेदपुर में सबसे अधिक 500-500 होमगार्ड जवान मुस्तैद किए जाएंगे।
गिरिडीह और हजारीबाग: गिरिडीह जिले में 400 और हजारीबाग में 350 अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।
अन्य प्रमुख जिले: धनबाद, बोकारो, पलामू और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में 300-300 जवानों की फौज सुरक्षा कमान संभालेगी।
🚨 शांति समिति की बैठकें और असामाजिक तत्वों पर ‘क्रैकडाउन’
पुलिस मुख्यालय ने किसी भी संभावित विवाद को रोकने के लिए मैदानी स्तर पर कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:
शांति समिति की बैठकें: सभी थाना क्षेत्रों में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों के साथ शांति समिति की बैठकें आयोजित करने और पुराने विवादों को समय रहते सुलझाने को कहा गया है।
निरोधात्मक कार्रवाई: सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले या आपराधिक पृष्ठभूमि के असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ पहले ही निरोधात्मक (Preventive) कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा: राज्य के सभी संवेदनशील और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा का अतिरिक्त घेरा रहेगा।
📱 व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर कड़ा पहरा, नए रूट पर पूर्ण प्रतिबंध
अफवाहों और माहौल बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त गाइडलाइन जारी की है:
व्हाट्सएप ग्रुप्स की निगरानी: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर साइबर सेल की विशेष नजर रहेगी। किसी भी तरह की अफवाह फैलाने, भड़काऊ संदेश या वीडियो पोस्ट करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा।
कोई नया रूट नहीं: प्रशासन ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि मुहर्रम के पारंपरिक जुलूस केवल उन्हीं रास्तों से निकलेंगे जो पूर्व निर्धारित (पारंपरिक) हैं। किसी भी परिस्थिति में जुलूस के लिए किसी भी नए मार्ग या रूट की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से त्वरित रूप से निपटने के लिए चौबीसों घंटे ‘अलर्ट मोड’ में रहने को कहा गया है।