Home » दिमागी नक्सल’ बयान पर भड़की झारखंड कांग्रेस, उज्जवल तिवारी बोले- ‘सवाल पूछने वाले युवा नक्सली नहीं’
PM के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर भड़की झारखंड कांग्रेस: उज्जवल तिवारी बोले— सवाल पूछने वाले युवाओं को नक्सली कहना सरकार का अहंकार !
रांची :80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले के प्राचीर से दिए गए भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। इस बयान पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता उज्जवल प्रकाश तिवारी ने प्रधानमंत्री के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, “दिमागी नक्सल या ऐसा कोई भी मनगढ़ंत ठप्पा अब देश की जनता के सामने काम नहीं आने वाला है।”
“क्या हक माँगना अपराध है?”
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने तीखा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि देश के पढ़े-लिखे और जागरूक युवाओं को सिर्फ इसलिए ‘नक्सली’ का टैग कैसे दिया जा सकता है, क्योंकि वे सरकार की नीतियों पर सवाल पूछते हैं? यह बयान सरकार के अहंकार और देश के युवाओं की समस्याओं को हल करने में उसकी पूरी तरह से नकारी साबित होने की बौखलाहट को दर्शाता है।
असहमति की आवाज़ों को दबाने की कोशिश
उज्जवल प्रकाश तिवारी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान सीधे तौर पर लोकतंत्र में असहमति की आवाजों को दबाने की एक सोची-समझी रणनीति है।
ध्यान भटकाने का प्रयास: आज देश का युवा सड़कों पर शिक्षा, रोजगार और बेहतर भविष्य की मांग कर रहा है।
जवाबदेही से भागना: सरकार के पास युवाओं के इन मूल सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं है, इसीलिए ऐसे विवादित बयानों के जरिए असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सवाल पूछना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और झारखंड कांग्रेस युवाओं के हक और अधिकार की लड़ाई को हर स्तर पर मजबूती से लड़ती रहेगी।