राज्यसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस का ‘डैमेज कंट्रोल’: मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी बोले— “बिना किसी ठोस तथ्य के सहयोगियों पर उंगली उठाना गलत, एकता सर्वोपरि”
झारखंड प्रभारी के. राजू का किया बचाव— “गठबंधन को मजबूत करने वाले नेता को विवाद का केंद्र बनाना दुर्भाग्यपूर्ण; क्रॉस वोटिंग पर शक है तो कराएं पारदर्शी जांच”
रांची: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सूबे के सत्ताधारी ‘इंडिया गठबंधन’ (INDIA Alliance) में मचे आंतरिक घमासान को शांत करने के लिए कांग्रेस ने अब बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। प्रभारी के. राजू और कुछ विधायकों द्वारा सहयोगी दलों को लेकर दिए गए तल्ख बयानों के बाद झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आधिकारिक तौर पर ‘डैमेज कंट्रोल’ की कवायद शुरू कर दी है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन श्री सतीश पौल मुंजनी ने शुक्रवार को एक बेहद संतुलित बयान जारी करते हुए साफ किया कि इंडिया गठबंधन की मजबूती, आपसी विश्वास और एकता ही कांग्रेस के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी दलों से बिना प्रमाण के एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने से बचने की सख्त हिदायत दी है।
📊 राज्यसभा विवाद: कांग्रेस मीडिया चेयरमैन का आधिकारिक रुख
सहयोगी दलों और प्रदेश प्रभारी को लेकर उपजे विवादों पर कांग्रेस के नए और संतुलित स्टैंड का पूरा विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
विवादित मुद्दा (Controversial Issue) |
कांग्रेस नेताओं के पूर्व के आरोप / बयान |
मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी का रुख (Official Stand) |
|---|---|---|
राजद (RJD) व माले (JMM) पर आरोप |
गठबंधन के कुछ नेताओं ने हार के लिए राजद और माले को धोखेबाज और गद्दार बताया। |
“बिना ठोस तथ्य और प्रमाण के आरोप लगाना गलत।” कांग्रेस पार्टी झामुमो, राजद और माले के संघर्षों का सम्मान करती है। |
झारखंड प्रभारी के. राजू पर हमला |
विपक्षी दलों और कुछ अंदरूनी हलकों द्वारा प्रभारी के. राजू की रणनीति पर सवाल उठाए गए। |
“राजू जी को विवाद का केंद्र बनाना तथ्यों से परे है।” उन्होंने हमेशा भाजपा के खिलाफ साझा संघर्ष को आगे बढ़ाया है। |
क्रॉस वोटिंग का सस्पेंस |
कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को संख्या बल से कम केवल 20 वोट मिलने पर भ्रम की स्थिति। |
यदि किसी दल को मतदान प्रक्रिया या क्रॉस वोटिंग पर संदेह है, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। |
⚡ “जांच से पहले किसी को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं”
सहयोगी दलों के साथ रिश्तों में आई कड़वाहट को दूर करने का प्रयास करते हुए सतीश पौल मुंजनी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा:
“कांग्रेस पार्टी ने हमेशा गठबंधन धर्म का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया है। चुनाव परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आने से स्वाभाविक रूप से कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। लेकिन बिना किसी पुख्ता सबूत के अपने ही साथियों पर आरोप लगाना गठबंधन की मूल भावना के खिलाफ है। यदि क्रॉस वोटिंग या नतीजों को लेकर किसी भी स्तर पर कोई संदेह है, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या दल को दोषी मान लेना कहीं से भी सही नहीं है।”
🛑 “भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकजुट रहने का वक्त”
मीडिया चेयरमैन ने आगे कहा कि आज का समय एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप मढ़ने का नहीं है। भाजपा लगातार लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले कर रही है और विपक्ष को तोड़ने की राजनीति कर रही है। ऐसे में विपक्षी एकता को और अधिक चट्टानी बनाने की आवश्यकता है। झारखंड की जनता ने इंडिया गठबंधन को जनहित, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और संविधान की रक्षा के लिए भारी जनादेश दिया है। इस जनादेश का सम्मान करते हुए सभी सहयोगी दलों को संयमित भाषा और राजनीतिक परिपक्वता का परिचय देना चाहिए।
🔮 मर्यादा और तथ्यों के आधार पर बात रखने की अपील
कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि झामुमो, राजद और माले सहित सभी सहयोगी दल भविष्य में तथ्यों और मर्यादा के दायरे में रहकर ही अपनी बात मीडिया के सामने रखेंगे। राजनीतिक गलियारों में मुंजनी के इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे एक दिन पहले ही भाजपा ने कांग्रेस को सहयोगियों का अपमान करने वाली पार्टी बताते हुए बुरी तरह घेरा था। कांग्रेस के इस बदले रुख से उम्मीद जताई जा रही है कि गठबंधन के भीतर जारी ‘जुबानी जंग’ पर अब कुछ हद तक विराम लगेगा।




















