Home » प्रगति पोर्टल बैठक: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र से मांगी ट्रू-नेट और सीबी नाट मशीनें, टीबी उन्मूलन को मिलेगी गति
टीबी मुक्त भारत अभियान: दिल्ली की बैठक में गूंजी झारखंड की आवाज; स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र के सामने रखीं राज्य की मांगें
रोगी जांच को सटीक बनाने के लिए ट्रू-नेट और सीबी नाट मशीनों का मांगा बैकअप; मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने पेश किया झारखंड का रोडमैप
रांची/नामकुम, 19 जून 2026:
देश को क्षय रोग (टीबी) से मुक्त करने और ग्रामीण इलाकों में जच्चा-बच्चा सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से आज दिल्ली में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय मंथन हुआ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित ‘प्रगति पोर्टल’ की इस राष्ट्रीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में झारखंड का प्रतिनिधित्व सूबे के माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया। नामकुम (रांची) स्थित आर.सी.एच. सभागार से ऑनलाइन जुड़े डॉ. अंसारी ने झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत पेश करते हुए केंद्र सरकार के सामने राज्य की महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक धारदार और समयबद्ध बनाने के लिए केंद्र सरकार से बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक ट्रू-नेट (TrueNat) और सीबी नाट (CBNAAT) मशीनें जल्द से जल्द आवंटित करने का जोरदार अनुरोध किया।
📊 प्रगति पोर्टल बैठक 2026: झारखंड का पक्ष और मुख्य एजेंडा
वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से दो राष्ट्रीय अभियानों की प्रगति जांची गई, जिसका पूरा ब्योरा नीचे तालिका में दिया गया है:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंडा
|
झारखंड सरकार की रणनीति और केंद्र से मांगें (State’s Stand)
|
टीबी मुक्त भारत अभियान
|
* मांग: शीघ्र और सटीक टीबी मरीजों की पहचान के लिए अधिक संख्या में आधुनिक जांच मशीनें मांगीं।
* तकनीकी टूल: राज्य में निश्चय पोर्टल और टीबी ऐप के जरिए डिजिटल निगरानी व पंजीकरण जारी है।
|
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH)
|
* फोकस: संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery), उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (HRP) का प्रभावी प्रबंधन।
* लक्ष्य: नियमित टीकाकरण और शिशुओं के लिए विशेष पोषण कार्यक्रमों की सुलभता।
|
केंद्रीय दिशा-निर्देश (ECI)
|
* केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने सभी राज्यों को जनभागीदारी बढ़ाने और मृत्यु दर में तेजी से कमी लाने के निर्देश दिए।
|
⚡ “मशीनें बढ़ते ही जांच में आएगी तेजी, समय पर शुरू होगा इलाज” – डॉ. इरफान अंसारी
झारखंड की भौगोलिक और जनजातीय बहुल सामाजिक संरचना का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्रीय मंच पर कहा:
“झारखंड सरकार टीबी मुक्त भारत अभियान को केवल एक विभागीय कार्यक्रम न मानकर इसे एक जन-आंदोलन बनाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के मामलों को समय पर पकड़ने के लिए हमें अधिक उन्नत तकनीकी सपोर्ट की आवश्यकता है। केंद्र से ट्रू-नेट और सीबी नाट मशीनें मिलने से हम ऑन-स्पॉट सटीक जांच कर पाएंगे, जिससे मरीजों को शुरुआती दौर में ही खोजकर उनका इलाज शुरू किया जा सकेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखंड इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता से जुटा है।”
🤱 जच्चा-बच्चा सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर
बैठक के दूसरे मुख्य एजेंडे ‘मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं’ पर बोलते हुए डॉ. अंसारी ने बताया कि राज्य सरकार का प्राथमिक लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व (ANC) और प्रसवोत्तर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए अस्पतालों में विशेष बेड और चिकित्सकों को मुस्तैद किया गया है।
🤝 केंद्र और राज्यों के बेहतर तालमेल से ही हासिल होंगे लक्ष्य: जे.पी. नड्डा
समीक्षा बैठक के समापन पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने झारखंड समेत सभी राज्यों के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने साफ कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के साझा और समन्वित प्रयासों से ही देश को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी सिविल सर्जनों और प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे जिला स्तर पर मॉनिटरिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें और दवाओं की चेन में कोई रुकावट न आने दें।
इस महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) झारखंड के वरिष्ठ अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग के तकनीकी सलाहकारों सहित विभिन्न राज्यों के आला स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हुए।