Home » झारखंड: स्वास्थ्य व्यवस्था में शामिल होगी Pre-Conception Care, रांची में राज्य स्तरीय परामर्श बैठक का हुआ आयोजन
झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में शामिल होगी ‘Pre-Conception Care’, रांची में राज्य स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित
रांची: झारखंड सरकार और चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट (CINI) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को रांची स्थित बीएनआर चाणक्य में ‘Pre-Conception Care’ (गर्भधारण पूर्व देखभाल) पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राज्य के स्वास्थ्य विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर स्वास्थ्य ढांचे में गर्भधारण से पहले दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत करने की रणनीतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
NFHS-6 के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6, 2023-24) के आंकड़े राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर गंभीर तस्वीर पेश करते हैं। आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में 29.2% महिलाएं कम वजन की समस्या से जूझ रही हैं, जबकि 16.9% महिलाएं अधिक वजन और मेटाबॉलिक जोखिमों का सामना कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, 20-24 वर्ष की 28% महिलाओं का विवाह 18 वर्ष से कम उम्र में हो गया और 11.7% किशोरियां या तो गर्भवती हैं या मां बन चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन जोखिमों को रोकने के लिए केवल गर्भावस्था के दौरान देखभाल पर्याप्त नहीं है, बल्कि गर्भधारण से पहले ही पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देना अनिवार्य है।
स्वस्थ मां और बच्चे की नींव गर्भावस्था से पहले: डॉ. इरफान अंसारी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे की नींव गर्भावस्था के दौरान नहीं, बल्कि उससे पहले ही रखी जाती है। किशोरावस्था से ही पोषण, एनीमिया की रोकथाम और प्रजनन स्वास्थ्य पर ध्यान देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि आज के किशोर ही कल के माता-पिता हैं।”
वहीं NHM झारखंड के मिशन निदेशक श्री शशि प्रकाश झा (IAS) ने कहा कि केवल जागरूकता फैलाना काफी नहीं है, बल्कि समय रहते स्क्रीनिंग, इलाज, परामर्श और नियमित फॉलो-अप ही जीवन बचाने का कारगर रास्ता है। CINI के चीफ ऑफ प्रोग्राम्स श्री मेघेंद्र बनर्जी ने जमीनी स्तर पर इसके कार्यान्वयन के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश तैयार करने पर बल दिया।
विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों का मंथन
तकनीकी सत्रों के दौरान NHM के डायरेक्टर-इन-चीफ डॉ. सिद्धार्थ सन्याल, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. प्रभात कुमार और झालसा के उप सचिव श्री दीपक कुमार साहू ने विचार रखे।
यूनिसेफ की डॉ. कनिनिका मित्रा के संचालन में आयोजित सत्र में AIIMS देवघर के डॉ. सोमशेखर निंबालकर, AIIMS नई दिल्ली की डॉ. के. अपर्णा शर्मा और AIIMS देवघर के डॉ. बिजित बिस्वास सहित कई प्रमुख चिकित्सकों और वैज्ञानिकों ने अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय शोध साक्ष्यों को साझा किया।
बैठक का समापन CINI झारखंड टीम के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस दौरान प्राप्त सभी प्रमुख सुझावों और सीखों को संकलित कर राज्य स्तर पर प्री-कंसेप्शन केयर के लिए व्यापक नीतिगत ढांचा तैयार करने की सहमति बनी।