Home » जमशेदपुर हत्याकांड: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का बड़ा हमला, बोले- ‘दोषी पुलिसकर्मियों पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा’, 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का एलान
जमशेदपुर हत्याकांड में दोषी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा: आदित्य साहू
02 जुलाई की शाम को निकाला जाएगा मशाल जुलूस, 03 जुलाई को जमशेदपुर पूर्णतः बंद का एलान
झारखंड में ध्वस्त कानून व्यवस्था पर भाजपा के तेवर गरम, मुख्यमंत्री से अपराध नियंत्रण पर मांगा श्वेत पत्र
रांची: जमशेदपुर में पुलिस की मौजूदगी में पुलिस वैन से खींचकर एक युवक (करणी सेना नेता हिमांशु सिंह) की निर्मम हत्या के मामले को लेकर झारखंड की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जमशेदपुर सहित पूरे झारखंड की ध्वस्त हो चुकी कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि जमशेदपुर की घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि कानून के शासन पर सीधा हमला है। झारखंड में इस वक्त ‘रूल ऑफ लॉ’ का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
3 जुलाई को जमशेदपुर बंद की घोषणा, सरकार को चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने एलान किया कि जमशेदपुर की इस जघन्य घटना के विरोध और राज्य की बदहाल विधि-व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग को लेकर 02 जुलाई की शाम को भाजपा और आम जनता के नेतृत्व में विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके अगले दिन यानी 03 जुलाई को जमशेदपुर पूर्णतः बंद रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा:
“यदि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने प्रदेश की विधि व्यवस्था को लेकर तत्काल कोई ठोस और कारगर कदम नहीं उठाया, तो भारतीय जनता पार्टी आने वाले दिनों में पूरा झारखंड बंद कराने का काम करेगी।”
“पुलिस के सामने अपराधियों का नंगा नाच, मूकदर्शक बना रहा प्रशासन”
घटनाक्रम पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए साहू ने कहा कि अपराधियों ने एक युवा पर जानलेवा हमला किया, उसे दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीटा। वह युवक अपनी जान बचाने के लिए भागकर पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी में घुस गया, लेकिन अपराधियों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं था। वे पुलिस के सामने से उसे गाड़ी से खींचकर बाहर ले गए और उसकी हत्या कर दी।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पुलिस की मौजूदगी में यह बर्बरता बताती है कि अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर है और राज्य में अपराधियों की ‘समानांतर सरकार’ चल रही है।
बीजेपी की प्रमुख मांगें:
दोषी पुलिसकर्मियों पर हो हत्या का केस: घटना के वक्त मौके पर मौजूद और लापरवाही बरतने वाले सभी दोषी पुलिस अधिकारियों व कर्मियों पर धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल जेल भेजा जाए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई: सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित कर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए।
श्वेत पत्र जारी करे सरकार: राज्य सरकार झारखंड की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर तुरंत ‘श्वेत पत्र’ जारी करे और अपराध नियंत्रण की अपनी स्पष्ट कार्ययोजना जनता के सामने रखे।
पीड़ित परिवार को मुआवजा: पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय, सुरक्षा, उचित मुआवजा और सरकारी सहायता प्रदान की जाए।
तबादलों पर उठाए सवाल: “पोस्टिंग के लिए हो रहा मोलभाव”
मुख्यमंत्री द्वारा जनदबाव में आकर दो-दो एसपी (पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां) को हटाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य साहू ने कहा कि इन अफसरों का कार्यकाल वैसे भी लगभग पूरा हो चुका था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन्हें हटाए जाने के 12 घंटे बाद भी नए कप्तानों की पोस्टिंग नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार में पोस्टिंग की ‘दर’ तय की जा रही है और मोलभाव फाइनल न होने के कारण नई पोस्टिंग अटकी हुई है।
आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरा
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पिछले 6 सालों के अपराध के आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि राज्य में अब तक 10,113 दुष्कर्म की घटनाएं, 11,000 से अधिक किडनैपिंग, 9,300 हत्याएं और लगभग 2 लाख 80 हजार संज्ञेय अपराध सामने आ चुके हैं। उन्होंने रांची में आरएसएस मुख्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने, रिम्स की डेंटल छात्रा से गैंगरेप और रामगढ़ में सब रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की पीट-पीटकर हत्या जैसी घटनाओं का जिक्र कर राज्य सरकार को पूरी तरह विफल बताया।
इस प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुख्य रूप से प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अविनेश सिंह एवं दीनदयाल बरनवाल भी उपस्थित रहे।
इस घटना से संबंधित राजनीतिक प्रतिक्रिया और जमीनी हालात को अधिक विस्तार से समझने के लिए आप बिष्टुपुर हत्याकांड पर बीजेपी का सरकार पर वार देख सकते हैं, जिसमें इस पूरे मामले और पुलिस की विफलता पर बीजेपी नेताओं के बयानों और जोनल आईजी की समीक्षा बैठक की पूरी कवरेज दिखाई गई है।