Home » JPSC-JSSC धांधली मामला: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार, JPSC और JSSC को भेजा नोटिस, CBI जांच की मांग पर मांगा जवाब
JPSC-JSSC परीक्षा गड़बड़ी मामला: सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, CBI जांच की मांग पर झारखंड सरकार और आयोगों को नोटिस जारी !
रांची : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और कथित धांधली से जुड़े बहुचर्चित मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने JPSC 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 और JSSC CGL परीक्षा की गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार, JPSC और JSSC को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
याचिका में क्या हैं मुख्य आरोप?
सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर याचिका (Article 32) में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
पारदर्शिता की मांग: JPSC 14वीं सिविल सेवा PT परीक्षा के आयोजन और OMR शीट के मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप।
CBI जांच का आग्रह: परीक्षा प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी परीक्षा कराने तथा पूरे प्रकरण की समयबद्ध independent एवं व्यापक CBI जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
सबूतों को सुरक्षित करने की अपील: याचिकाकर्ता ने original OMR शीट, CCTV फुटेज और सर्वर डेटा के रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आग्रह किया है।
अदालत का रुख: सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी नोटिस के बाद अब राज्य सरकार और दोनों परीक्षा आयोगों (JPSC व JSSC) को अदालत में अपना विस्तृत पक्ष रखना होगा।
छात्र हित में न्याय की उम्मीद: भाजपा
मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सुप्रीम कोर्ट के कदम का स्वागत किया है।
“माननीय सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और दोनों आयोगों से इस गंभीर विषय पर जवाब मांगा है। हम बेहद आशावान हैं कि सर्वोच्च अदालत का जो भी निर्णय आएगा, वह राज्य के लाखों युवाओं और छात्रों के हित में होगा।”
— प्रतुल शाहदेव, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा