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JPSC Scam: CID की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, आयोग के तीनों सदस्यों को समन, सोमवार से होगी कड़ी पूछताछ !
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) भर्ती एवं मेधा घोटाला मामले में आपराधिक जांच विभाग (CID) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मामले में निष्पक्ष एवं गहन जांच को आगे बढ़ाते हुए CID ने JPSC के तीनों वर्तमान सदस्यों को समन जारी कर तलब किया है।
जिन तीन सदस्यों को पूछताछ के लिए नोटिस दिया गया है, उनमें डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद शामिल हैं। CID टीम आगामी सोमवार से तीनों सदस्यों से सिलसिलेवार ढंग से पूछताछ करेगी।
NEWS HIGHLIGHTS (मुख्य बिंदु)
बड़ा एक्शन: CID ने JPSC के तीनों सदस्यों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए मुख्यालय बुलाया है।
सोमवार से पूछताछ: आगामी सोमवार से CID की विशेष टीम तीनों सदस्यों के बयानों को दर्ज करेगी।
नियुक्तियों की पृष्ठभूमि: इन तीनों सदस्यों की नियुक्ति 2 सितंबर 2021 को हुई थी।
कैबिनेट की मंजूरी: अगस्त 2021 में झारखंड कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद इनकी आधिकारिक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई थी।
पूर्व चेयरमैन से पूछताछ के बाद एक्शन: पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते और पूर्व परीक्षा नियंत्रक से कई दौर की पूछताछ के बाद अब सदस्यों तक पहुंची जांच की आंच।
2021 में हुई थी तीनों सदस्यों की नियुक्ति
गौरतलब है कि 2 सितंबर 2021 को तत्कालीन अध्यक्ष अमिताभ चौधरी के कार्यकाल के दौरान इन तीनों सदस्यों ने एक साथ अपना पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले अगस्त 2021 में राज्य की झारखंड कैबिनेट से इन नियुक्तियों को औपचारिक मंजूरी दी गई थी।
हाल ही में JPSC चेयरमैन एल. ख्यांगते के इस्तीफे के बाद से आयोग में शीर्ष नेतृत्व का पद रिक्त है। आयोग के दैनंदिन संचालन व भर्ती परीक्षाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में इन सदस्यों की भूमिका रही है।
किस दिशा में आगे बढ़ रही है CID की जांच?
JPSC मेधा घोटाले में CID लगातार कई मोर्चों पर एक साथ छापेमारी और गिरफ्तारियां कर रही है:
OMR शीट में हेरफेर एवं वसूली: परीक्षा में धांधली, OMR शीट्स के साथ छेड़छाड़ और बिचौलियों के माध्यम से अभ्यर्थियों से मोटी रकम ऐंठने के पुख्ता सुराग मिले हैं।
एजेंसी चयन पर सवाल: ब्लैकलिस्टेड परीक्षा संचालन एजेंसी (TDPL) के चयन और नियमों की अनदेखी को लेकर अधिकारियों व सदस्यों से पूछताछ की जा रही है।
छापेमारी और धरपकड़: अब तक मामले में 19 से अधिक बिचौलियों, कोचिंग संचालकों और संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सोमवार को होने वाली इस पूछताछ में तीनों सदस्यों के प्रशासनिक फैसलों, परीक्षा फाइलों के अनुमोदन और एजेंसी चयन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल रखे जाने की संभावना है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों और JPSC अभ्यर्थियों के बीच हड़कंप मच गया है।