Home » छात्र आंदोलन: 4 दिन से आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ी, सदर अस्पताल में भर्ती !
आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ी, सदर अस्पताल भर्ती: ‘हौसले अब भी बुलंद, सरकार छोड़े हठधर्मिता’
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC CGL परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में आंदोलन कर रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का विरोध-प्रदर्शन अब गंभीर मोड़ ले चुका है। पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे प्रमुख छात्र नेता राहुल क्रांति की तबीयत अचानक अत्यधिक बिगड़ गई। शरीर में कमजोरी, तेज बुखार और चक्कर आने की शिकायत के बाद उन्हें आनन-फानन में रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
प्रशासनिक उपेक्षा पर फूटा छात्रों का गुस्सा
अस्पताल में भर्ती होने से पूर्व राहुल क्रांति ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि लंबे समय से अनशन पर बैठे छात्रों की स्वास्थ्य जांच के लिए समय पर मेडिकल टीम तक नहीं भेजी गई।
छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार की यह असंवेदनशीलता साफ दर्शाती है कि उसे युवाओं के भविष्य और स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। “युवाओं के शरीर कमजोर हो सकते हैं, लेकिन न्याय पाने का उनका हौसला नहीं टूटेगा।”
छात्रों की प्रमुख मांगें:
JPSC एवं JSSC CGL परीक्षाओं का रद्दीकरण: कथित धांधली वाली सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए।
CBI और ED जांच: संपूर्ण मामले की पारदर्शी जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए।
एजेंसी पर कार्रवाई: परीक्षा आयोजित कराने वाली विवादित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
आयोग में सुधार: JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में व्यापक संरचनात्मक सुधार किए जाएं।
‘सरकार तुरंत करे सीधा संवाद’
छात्र संगठनों और विपक्ष का कहना है कि झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर अविलंब आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से सीधा संवाद स्थापित करना चाहिए। युवाओं के धैर्य का और इम्तिहान न लेते हुए उनकी जायज मांगों पर ठोस और पारदर्शी निर्णय लिया जाना बेहद आवश्यक है।
फिलहाल, अस्पताल में राहुल क्रांति का इलाज जारी है। पूरे राज्य के छात्र उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं और स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।