Home » कांग्रेसी मंत्री अंत्याक्षरी खेल रहे थे’ — भानु प्रताप शाही का तंज, छात्र आंदोलन पर कांग्रेस-राहुल को घेरा
‘प्रेस वार्ता नहीं, अंत्याक्षरी खेल रहे थे कांग्रेसी’ — छात्र आंदोलन पर भानु प्रताप शाही का तीखा तंज, राहुल गांधी पर भी साधा निशाना !
रांची: झारखंड में जारी छात्र आंदोलन और अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर राज्य की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। कांग्रेस मंत्रियों द्वारा बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने करारा पलटवार किया है। बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने चुटकी लेते हुए कहा कि “कांग्रेसी मंत्री प्रेस वार्ता नहीं कर रहे थे, बल्कि उनमें अपनी बात कहने की ऐसी आपाधापी मची थी मानो वे कोई अंत्याक्षरी प्रतियोगिता खेल रहे हों कि कौन अपने आलाकमान का रटा-रटाया गाना सबसे पहले गाएगा।”
“चार-चार बार लाठीचार्ज कराने वाली सरकार के मुंह से दोहरी राजनीति जैसे शब्द शोभा नहीं देते। राहुल गांधी समेत पूरी कांग्रेस पार्टी खुद दोहरी नीति की पर्याय है।”
— भानु प्रताप शाही, प्रदेश उपाध्यक्ष (भाजपा)
‘छात्रों पर लाठीचार्ज और मगरमच्छ के आंसू’
कांग्रेस द्वारा बीजेपी पर आंदोलन को ‘हाईजैक’ करने और राहुल गांधी को बदनाम करने के आरोपों को खारिज करते हुए भानु प्रताप ने कहा कि सत्ता पक्ष ही इस पूरे मामले में दोहरा चरित्र अपना रहा है।
कथनी और करनी में फर्क: एक तरफ बातचीत का नाटक किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ निर्दोष छात्रों की दयनीय हालत की अनदेखी हो रही है।
सीबीआई जांच से क्यों भाग रही सरकार? शाही ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की एक ही प्रमुख मांग है—CBI जांच। अगर सरकार की मंशा साफ है, तो वह तुरंत सीबीआई जांच का आदेश दे, आंदोलन चुटकी में खत्म हो जाएगा। यह मांग सरकार को माननी है, बीजेपी इसे पूरा नहीं कर सकती। फिर मामले को अटका कौन रहा है?
‘राहुल गांधी सिर्फ ट्वीट कर जिम्मेदारी से भाग रहे हैं’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान का समर्थन करते हुए भानु प्रताप शाही ने कहा कि छात्रों पर हुई बर्बरता के लिए राहुल गांधी पूरी तरह जिम्मेदार हैं।
नीट पर इस्तीफा मांगा, तो यहां क्यों चुप्पी?
उन्होंने सवाल उठाया कि जो कांग्रेस नीट (NEET) मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगती है, वही कांग्रेस झारखंड के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं मांगती? अगर राहुल गांधी और कांग्रेस वाकई छात्रों के हितैषी हैं, तो हेमंत सरकार को अल्टीमेटम दें—या तो सीबीआई जांच कराएं, या फिर समर्थन वापस लें!
‘रात 1 बजे धरना स्थल पर सेल्फी लेने गए थे अधिकारी?’
कांग्रेस मंत्रियों द्वारा प्रशासन के संयम की तारीफ करने पर भानु प्रताप शाही ने बड़ा खुलासा किया:
11 अगस्त की देर रात 1 बजे रांची के उपायुक्त और एसएसपी भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर किस लिए गए थे?
क्या वे वहां अधिकारियों के साथ सेल्फी खिंचवाने गए थे?
असल में, सरकार और प्रशासन अंधेरे में छात्रों पर एक और दमनकारी कार्रवाई करने की तैयारी में थे।
“यह तो भला हो बीजेपी नेताओं और मीडिया का, जो मौके पर समय से पहुंच गए और प्रशासन को उल्टे पांव लौटना पड़ा। झूठी बयानबाजी से कांग्रेस को बाज आना चाहिए।”
‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’
अनुपूरक बजट के दिन विधानसभा की घटना का जिक्र करते हुए श्री शाही ने कहा कि भाजपा विधायक अपनी मर्जी से अनुपस्थित नहीं थे, बल्कि उन्हें सरकार के इशारे पर डिटेन (हिरासत में) कराया गया था। अब कांग्रेस “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली कहावत चरितार्थ कर रही है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि भाजपा राजनीतिक रोटियां नहीं सेकती, जो भी करती है डंके की चोट पर करती है।