Home » झारखंड में डॉक्टरों की हड़ताल की चेतावनी: Dynamic ACP लागू न होने पर 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार | JHASA
dynamic ACP और 1,422 रिक्त पदों पर बहाली की मांग: 5 अक्टूबर तक फैसला न होने पर 22 से डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार
रांची। झारखंड हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन (JHASA) ने राज्य में चिकित्सकों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। रविवार, 20 सितंबर 2026 को रांची के मोराबादी स्थित IMA भवन में आयोजित प्रांतीय आम सभा (General Body Meeting) में राज्य भर के 100 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने 5 अक्टूबर 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो 22 अक्टूबर 2026 से राज्यभर के डॉक्टर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे।
Dynamic ACP: 10 वर्षों का इंतजार और सेवा अवधि में संशोधन की मांग
झासा ने केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य बिहार की तर्ज पर झारखंड के चिकित्सकों के लिए Dynamic ACP (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) व्यवस्था को तर्कसंगत बनाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन केवल आश्वासन मिल रहा है।
झासा द्वारा प्रस्तावित संशोधन:
सामान्य उप-संवर्ग: वर्तमान में चार Dynamic ACP के लिए निर्धारित 6+6+6+7 वर्ष की अवधि को घटाकर 4+5+4+7 वर्ष किया जाए।
दंत संवर्ग: दंत डॉक्टरों के लिए ACP की संख्या तीन से बढ़ाकर चार की जाए और सेवा अवधि 4+5+4+7 वर्ष निर्धारित हो।
विशेषज्ञ संवर्ग: विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए बेसिक पे (Basic Pay) ₹6,600 के अनुरूप तय करते हुए Dynamic ACP हेतु 2+4+7 वर्ष की स्पष्ट नियमावली बनाई जाए।
JPSC से 1,422 रिक्त पदों पर नियमित बहाली की मांग
स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का हवाला देते हुए JHASA ने उजागर किया कि राज्य में वर्तमान में 1,422 नियमित चिकित्सा पदाधिकारियों के पद रिक्त पड़े हैं। संगठन ने मांग की है कि अनुबंध या तदर्थ व्यवस्था के बजाय झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से नियमित अंतराल पर स्थायी नियुक्तियां की जाएं, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और सेवारत डॉक्टरों पर काम का दबाव कम हो।
सेवानिवृत्ति आयु 67 से घटाकर 65 वर्ष करने का विरोध
बैठक में चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की उम्र 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने के विषय पर भी तीखी चर्चा हुई। झासा ने रुख साफ किया कि:
यदि सेवानिवृत्ति आयु में कटौती का कोई नया नियम बनता है, तो उसे केवल नई नियुक्तियों पर लागू किया जाए।
वर्तमान में कार्यरत चिकित्सकों की सेवा शर्तों से कोई छेड़छाड़ न की जाए।
इस विषय पर कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पूर्व स्वास्थ्य विभाग, झासा के प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक वार्ता करे।
5 अक्टूबर की डेडलाइन, 22 अक्टूबर से हड़ताल
JHASA के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि मांगों से संबंधित औपचारिक ज्ञापन स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को सौंपा जा रहा है। संगठन ने विभाग को 5 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया है।
यदि तय समय-सीमा के भीतर मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू होगा, जिसके अंतिम चरण में 22 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। JHASA ने साफ कहा कि मरीजों को होने वाली किसी भी असुविधा की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की ढुलमुल कार्यशैली की होगी।
“हमारा उद्देश्य संघर्ष नहीं, बल्कि संवाद”
JHASA ने अंत में स्पष्ट किया कि संगठन का इरादा सरकार से टकराव का नहीं है। डॉक्टर चाहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग टेबल पर बैठकर व्यावहारिक और सकारात्मक समाधान निकाले, जिससे चिकित्सकों के अधिकार सुरक्षित रहें और झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।