Home » AIOS Mid-Term Conference 2026 Ranchi: रांची में राष्ट्रीय नेत्र सम्मेलन का भव्य आगाज | Health News Jharkhand
‘नॉलेज हब’ बनता रांची: देश के मानचित्र पर अब रिसर्च और उच्च शिक्षा का सिरमौर – डॉ. इरफ़ान अंसारी
रांची : झारखंड की राजधानी रांची अब केवल प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि देश में चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा के प्रमुख ‘नॉलेज हब’ के रूप में उभर रही है।
शुक्रवार को होटल बीएनआर (BNR) में All India Ophthalmological Society (AIOS) की 5वीं Mid-Term Conference 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। झारखंड के चिकित्सा इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय स्तर की नेत्र चिकित्सा कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर से 1,500 से अधिक दिग्गज नेत्र विशेषज्ञ और युवा चिकित्सक हिस्सा ले रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री एवं सचिव ने किया दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन
Jharkhand Ophthalmological Society (JHOS) के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह, आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. बी. पी. कश्यप और आयोजन सचिव डॉ. भारती कश्यप ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी ने अपने संबोधन में कहा:
“यह पूरे झारखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि देश भर के शीर्ष नेत्र चिकित्सक आज रांची पहुंचे हैं। राज्य सरकार AI, रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक हेल्थ टेक्नोलॉजी को जोड़कर राज्य की चिकित्सा प्रणाली को भविष्य के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए डॉ. बी. पी. कश्यप और डॉ. भारती कश्यप के नेतृत्व की सराहना की।
देशभर के 1,000 से अधिक विशेषज्ञों का महाजुटान
समारोह में देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम का कुशल संचालन AIOS के राष्ट्रीय महासचिव संतोष होनावर ने किया।
प्रमुख उपस्थितियां:
AIOS नेतृत्व: अध्यक्ष डॉ. जीवन तितियाल, निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. मोहन राजन, डॉ. चित्रा राममूर्ति, डॉ. नम्रता शर्मा।
झारखंड नेत्र सोसाइटी (JHOS): डॉ. जखनवाल, डॉ. सुजोय सामंत, डॉ. प्रीतिश प्रोनोय, डॉ. एन. डी. मिश्रा, डॉ. विभूति कश्यप और डॉ. निधि गडकर।
इस अवसर पर चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉक्टरों को प्रतिष्ठित साइंटिफिक अवॉर्ड्स (Scientific Awards) से भी सम्मानित किया गया।
युवा डॉक्टरों के लिए राष्ट्रीय मंच का मार्ग प्रशस्त
आयोजन सचिव डॉ. भारती कश्यप ने स्वागत भाषण में कहा कि इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य देश के मिड-टियर शहरों तक शोध, शिक्षा और वैज्ञानिक अवसरों की पहुंच को आसान बनाना है। इससे झारखंड के प्रतिभावान युवा डॉक्टरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
वहीं, ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. बी. पी. कश्यप ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन से झारखंड को राष्ट्रीय चिकित्सा शिक्षा एवं रिसर्च के मानचित्र पर एक नई पहचान मिली है।
25 सितंबर के प्रमुख वैज्ञानिक सत्र एवं गतिविधियां
सम्मेलन के पहले दिन अत्याधुनिक तकनीकों और जटिल सर्जिकल पद्धतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ:
मास्टरक्लास इन रिफ्रैक्टिव सर्जरी (बियॉन्ड 20/20): डॉ. रोहित शेट्टी एवं डॉ. भारती कश्यप द्वारा चश्मा हटाने की आधुनिक लेजर तकनीक पर विशेष मास्टरक्लास संचालित की गई।
डेफर्ड लाइव सर्जरी: देश के शीर्ष विशेषज्ञों के साथ झारखंड की डॉ. निधि गडकर कश्यप ने अपने सर्जिकल कौशल का प्रदर्शन किया।
डॉ. आर. पी. टंडन ओरेशन: विशिष्ट वक्ता डॉ. प्रिया नारंग ने “वेवफ्रंट गाइडेड पिनहोल प्यूपिलोप्लास्टी” पर सारगर्भित व्याख्यान दिया।
अनप्लान्ड कट (Unplanned Cut): सर्जरी के दौरान आने वाली अप्रत्याशित जटिलताओं और उनके सटीक सर्जिकल समाधानों पर वीडियो सत्र आयोजित किया गया।
युवा डॉक्टरों के लिए ‘फिशबौल’ सत्र: हॉल ‘रीजेंसी’ में आयोजित इस विशेष सत्र में 100 से अधिक युवा डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने हिस्सा लिया।
साइंटिफिक ‘जोड़ी’ कम्पटीशन: विभिन्न राज्यों की विशेषज्ञ टीमों के बीच कड़ा वैज्ञानिक और intellectual मुकाबला देखने को मिला।