Home » MMDR संशोधन बिल पर राजनीति चमकाना बंद करें हेमंत सोरेन: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का जोरदार हमला
MMDR संशोधन बिल पर हेमंत सोरेन भ्रम फैलाना बंद करें, कानून से राज्यों के अधिकार खत्म नहीं होंगे: आदित्य साहू
रांची: संसद से पारित खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक (MMDR Amendment Bill) को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयानों पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
आदित्य साहू ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस विधेयक के बहाने जनता को गुमराह कर रहे हैं और केवल अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार हैं।
💡 मुख्य बिंदु: आदित्य साहू के बयान की 5 बड़ी बातें
‘वन नेशन, वन टैक्स’ की दिशा में कदम: सेस के नाम पर होने वाली लूट पर विराम लगेगा और देशभर में खनिज क्षेत्र में एकरूपता आएगी।
राज्यों के अधिकार सुरक्षित: इस संशोधन से राज्यों का कर (Tax) लगाने का अधिकार या रॉयल्टी/DMFT से मिलने वाला राजस्व कम नहीं होगा।
मुद्दों से भटकाने की साजिश: राज्य में छात्रों के आंदोलन, कथित भर्ती भ्रष्टाचार और DMFT घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए सरकार महाआंदोलन का ड्रामा रच रही है।
नीलामी में फिसड्डी झारखंड: समृद्ध खनिज राज्य होने के बावजूद हेमंत सरकार अपने 7 सालों में केवल 3 खदानों की नीलामी करा सकी, जबकि ओडिशा ने 45 और छत्तीसगढ़ ने 49 खदानों की नीलामी की।
घोटालों और लूट का आरोप: राज्यभर में ₹2000 करोड़ का DMFT घोटाला हुआ है, अकेले बोकारो में ₹631 करोड़ की अनियमिताएं सामने आई हैं।
🏛️ “संविधान पढ़ें सीएम, केंद्र से टकराव राज्यहित में नहीं”
आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए कहा:
“अगर छात्रों पर दमनात्मक कार्रवाई से फुर्सत मिल गई हो, तो मुख्यमंत्री जी को थोड़ा संविधान भी पढ़ लेना चाहिए। भारत एक संघीय गणराज्य है। समाधान खोजने के बजाय केंद्र से बेवजह टकराव खड़ा करना राज्य के हित में बिल्कुल नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह विधेयक विकसित भारत की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे खनन क्षेत्र अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और निवेशक-अनुकूल बनेगा, जिससे रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
💰 राजस्व और योजनाओं को लेकर फैलाया जा रहा डर
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए मंईयां सम्मान योजना और अबुआ आवास योजना के बंद होने का झूठा डर दिखाकर जनता की सहानुभूति हासिल करना चाहती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब झारखंड देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है, तो यहाँ खदानों की नीलामी से राजस्व क्यों नहीं बढ़ाया गया? पड़ोसी राज्यों की तुलना में झारखंड पिछड़ गया क्योंकि सरकार का ध्यान सिर्फ अवैध खनन और खनिजों की लूट पर था।
🎓 छात्रों के सवालों से भाग रही सरकार
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्तियों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों का समर्थन करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि छात्र CBI जांच की मांग कर रहे हैं। सरकार अपनी जवाबदेही से बचने के लिए बंगाल की तर्ज पर टकराव और भ्रम की राजनीति कर रही है, लेकिन राज्य की जनता सब समझ चुकी है और सही समय पर इसका हिसाब करेगी।