Home » NUSRL में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: मतदाता पंजीकरण और वैश्विक प्रणालियों पर 6 तकनीकी सत्रों का आयोजन
NUSRL में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का पहला दिन: मतदाता पंजीकरण और चुनावी समावेशन पर 6 तकनीकी सत्रों का सफल आयोजन !
रांची: नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL) में “Voter Registration and Voter Registers” (मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता रजिस्टर) विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन एक महत्वपूर्ण पैनल डिस्कशन और छह समानांतर तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया।

उद्घाटन सत्र के उपरांत आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के जाने-माने शिक्षाविदों, पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों और शोधकर्ताओं ने मतदाता सूची में सुधार, चुनावी समावेशन और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर गहन विचार-विमर्श किया।
पैनल चर्चा: मतदाता पंजीकरण और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाएं
सम्मेलन के मुख्य पैनल डिस्कशन की अध्यक्षता बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री डी.एन. गौतम ने की, जबकि प्रो. संदीप शास्त्री इसके सह-अध्यक्ष रहे।
पैनल चर्चा के प्रमुख बिंदु:
मतदाता जागरूकता और सुगमता: मतदान प्रक्रिया को सभी नागरिकों के लिए सहज और सुलभ बनाना।
EPIC एवं मतदाता सूची: EPIC ( voter ID card ) और मतदाता सूची में एकरूपता सुनिश्चित करना।
लैंगिक व सामाजिक समावेशन: महिलाओं और आंतरिक प्रवासियों की निर्वाचन में भागीदारी बढ़ाना।
वैश्विक प्रणालियां: विभिन्न देशों की पंजीकरण प्रणालियों और अंतर्राष्ट्रीय बेस्ट प्रैक्टिस पर मंथन।
छह तकनीकी सत्रों में शोध-पत्र प्रस्तुत
समानांतर आयोजित 6 तकनीकी सत्रों के लिए NUSRL के लेक्चर थिएटरों को विशेष रूप से तैयार किया गया था:
तकनीकी सत्र 1 (लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाना): प्रो. सुधीर कुमार सिंह और डॉ. प्रतिमा सारंगी की अध्यक्षता में नागरिकता, राजनीतिक दलों की भूमिका और मतदाता पंजीकरण से जुड़े शोध-पत्र पढ़े गए।
तकनीकी सत्र 2 (वैश्विक अनुभव): डॉ. महेश देबता और डॉ. बी.बी. बिस्वास की अध्यक्षता में एस्टोनिया, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, डेनमार्क, घाना और दक्षिण अफ्रीका की प्रणालियों का अध्ययन प्रस्तुत किया गया।
तकनीकी सत्र 3 (सैद्धांतिक आयाम): श्री चैतन्य प्रसाद और प्रो. दिवांशु श्रीवास्तव के नेतृत्व में निर्वाचन समावेशन और मतदाता सूची प्रबंधन के सैद्धांतिक पहलुओं पर विचार हुआ।
तकनीकी सत्र 4 (सोशल मीडिया एवं AI): श्री शिव प्रसाद शर्मा और प्रो. संजय कुमार की अध्यक्षता में बहुभाषी जागरूकता, निर्वाचन साक्षरता और मतदाता पंजीकरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर जोर दिया गया।
तकनीकी सत्र 5 (तुलनात्मक अध्ययन): डॉ. आनंदकुमार आर. शिंदे और डॉ. अरुण राय की अध्यक्षता में भारत व अन्य देशों के ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण और आधुनिक तकनीकों का तुलनात्मक विश्लेषण पेश किया गया।
तकनीकी सत्र 6 (जेंडर एवं प्रवासी मुद्दे): डॉ. चार्वाक पति और डॉ. हनी राज की अध्यक्षता में ग्रामीण, वंचित, प्रवासी श्रमिकों, जनजातीय एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के मतदाता पंजीकरण की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
देशभर से प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों की सहभागिता
सम्मेलन की थीम को समृद्ध करने के लिए देश के प्रमुख संस्थानों से विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया था। इनमें जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, जादवपुर विश्वविद्यालय, बेंगलुरु विश्वविद्यालय, इग्नू, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (नई दिल्ली) और भारतीय सांख्यिकी संस्थान (कोलकाता) के प्रोफेसर्स और शोधकर्ता शामिल रहे।
कार्यक्रम में झारखंड मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के पदाधिकारी—अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह सहित NUSRL के प्रो. आलोक कुमार गुप्ता, डॉ. अपर्णा, डॉ. बी.के. सिन्हा और छात्र स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।