Home » राहुल गांधी पर आरोपों का करारा जवाब: झारखंड के मंत्रियों का बीजेपी पर पलटवार, ‘छात्र आंदोलन में उपद्रवियों को घुसाने की साजिश’
राँची: झारखंड की राजधानी राँची स्थित कांग्रेस मुख्यालय (कांग्रेस भवन) में आज प्रदेश मीडिया एवं कम्यूनिकेशन विभाग द्वारा आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार के चार प्रमुख मंत्रियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया।
पीसी में मंत्री राधा कृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह, डॉ. इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की के साथ मीडिया विभाग के राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुंजनी, लाल किशोर नाथ शाहदेव और डॉ. एम तौसीफ उपस्थित रहे।
प्रमुख बिंदु एवं मंत्रियों के वक्तव्य
राधा कृष्ण किशोर (मंत्री): विधानसभा सत्र और बीजेपी का रवैया
सरकार विधानसभा के अंदर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए गंभीर थी, लेकिन नेता प्रतिपक्ष अपने विधायकों के साथ सुबह 7 बजे ही सीएम आवास के समक्ष धरने पर बैठ गए।
भाजपा की मंशा छात्रों के मुद्दे पर सार्थक चर्चा की नहीं थी।
आंदोलनरत छात्रों ने खुद माना कि विरोध प्रदर्शन में बाहरी उपद्रवी तत्व शामिल हो गए थे।
अतीत का आईना: बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में 2 फरवरी 2001 को कोयलकारो परियोजना आंदोलनकारियों पर गोलीबारी में 8 मौतें हुई थीं। इसी तरह अर्जुन मुंडा और रघुवर दास के शासनकाल में भी प्रदर्शनकारियों की जानें गई थीं।
दीपिका पांडेय सिंह (मंत्री): वार्ता और CBI जाँच की सच्चाई
सरकार की ओर से छात्रों से वार्ता दल में शामिल मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि सरकार छात्रों की हर जायज मांग पूरी करना चाहती है।
CBI की ट्रैकर रिपोर्ट: 2015 से अब तक CBI को 17 प्रतियोगी परीक्षाओं की जाँच सौंपी गई (जैसे NEET UG 2024, UGC-NET 2024, SSC CGL 2017, JEE Main 2021 आदि)।
इन मामलों में केवल 1 सजा (Conviction) हुई है (हरियाणा न्यायिक सेवा 2017 मामला), जिसकी जाँच चंडीगढ़ SIT ने की थी, CBI ने नहीं।
डॉ. इरफान अंसारी (मंत्री): राहुल गांधी का समर्थन और स्वास्थ्य सेवा
राहुल गांधी पर आरोप लगाना ‘चांद पर थूकने’ जैसा है; वे देशभर के छात्रों की मजबूत आवाज हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के रूप में वे आंदोलन के दौरान अस्वस्थ हुए सभी छात्रों का निःशुल्क इलाज अपनी देख-रेख में करवा रहे हैं और उनसे नियमित मुलाकात कर रहे हैं।
शिल्पी नेहा तिर्की (मंत्री): पत्थलगढ़ी मामले का स्मरण
भाजपा छात्र आंदोलन को हिंसक बनाने का प्रयास कर रही है, जबकि राहुल गांधी और राज्य सरकार संवाद के माध्यम से समाधान निकाल रही है।
छात्रों की हितैषी बनने का दावा करने वाली बीजेपी ने अपने शासनकाल में पत्थलगढ़ी मामले में 10,000 से अधिक आदिवासी युवाओं पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था।प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता सोनाल शांति, कलम ठाकुर, उज्ज्वल तिवारी, मृदुल राज और मो. खालिद भी उपस्थित रहे।