Home » रिम्स में बढ़ेंगी MBBS और PG की सीटें: झारखंड सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए केंद्र से मांगेगी फंड
🏥 मेडिकल कॉलेजों में सीट वृद्धि के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा विकास, केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
रांची: झारखंड के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर है। राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची सहित पलामू और दुमका मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल सीटों की संख्या में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी होने जा रही है।
बढ़े हुए छात्र-भार और मरीजों की जरूरतों के अनुरूप आधारभूत संरचना (Infrastructure) विकसित करने के लिए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
📊 रिम्स (RIMS) में सीटों की वृद्धि का प्रस्तावित खाका
बैठक में जानकारी दी गई कि रिम्स में सीटों को बढ़ाने का प्रस्ताव नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को भेजा जा चुका है। सीटों का नया प्रस्तावित ढांचा इस प्रकार है:
पाठ्यक्रमवर्तमान सीटेंप्रस्तावित सीटें
एमबीबीएस (UG)176250
पीजी (PG)180275
सुपर स्पेशियलिटी11100
💰 प्रति अतिरिक्त सीट मिलेंगे ₹1.5 करोड़, वीजीएफ के तहत आएगी राशि
अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने बताया कि सीटों में होने वाली इस वृद्धि के मद्देनजर रिम्स में नये भवन, हॉस्टल, विभागीय कक्ष, आधुनिक प्रयोगशालाएं, ओटी (Operation Theatre), उन्नत उपकरण, फैकल्टी और रेजिडेंट डॉक्टरों सहित नर्सिंग एवं अन्य मानव संसाधनों का विस्तृत आकलन किया गया है।
इसी आकलन के आधार पर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि केंद्र सरकार की योजना (VGF) के तहत प्रति अतिरिक्त सीट लगभग 1.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त की जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रस्ताव भेजने से पहले रिम्स की वर्तमान सुविधाओं और भविष्य की जरूरतों का बारीकी से मूल्यांकन किया जाए ताकि अधिकतम फंड स्वीकृत हो सके।
📍 पलामू और दुमका मेडिकल कॉलेजों में भी शुरू होंगे PG कोर्स
रिम्स के साथ-साथ पलामू एवं दुमका मेडिकल कॉलेजों में भी आगामी वर्षों में मेडिकल सीटें बढ़ाई जाएंगी।
दोनों मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के विस्तार और उन्नयन के लिए संबंधित उपायुक्तों (DCs) द्वारा अतिरिक्त भूमि उपलब्ध करा दी गई है।
भविष्य में इन दोनों संस्थानों में पीजी (PG) पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव ने JSBCCAL को निर्देश दिया कि दोनों संस्थानों की आधारभूत संरचना का विस्तृत आकलन कर 15 दिनों के भीतर संशोधित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) विभाग को सौंपें।
🧹 रिम्स परिसर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने के कड़े निर्देश
बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने रिम्स परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. हिरेंद्र बिरूआ को निम्नलिखित निर्देश दिए:
विशेष स्वच्छता अभियान: पूरे परिसर में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
अवरोधों को हटाना: परिसर के भीतर बनी अनावश्यक आंतरिक बाउंड्री या अन्य अवरोधों को तुरंत हटाया जाए, ताकि पूरा रिम्स परिसर एकीकृत (Integrated), व्यवस्थित और सुगम दिख सके।
बैठक में ये रहे उपस्थित:
इस महत्वपूर्ण बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव श्री शशि प्रकाश सिंह, संयुक्त सचिव श्री ललित मोहन शुक्ला, रिम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. हिरेंद्र बिरूआ, मार्श एंड वोइस के परामर्शी तथा जेएसबीसीसीएल (JSBCCAL) के आला अधिकारी मौजूद थे।