Home » सदर अस्पताल रांची में कमाल: आयुष्मान योजना से गरीब महिला की निकाली गई 1.45 किलो की तिल्ली, मिला नया जीवन
कैंसर के शक के बीच रांची सदर अस्पताल का कमाल; आयुष्मान योजना से बुंडू की महिला की बची जान, निकाली 1.45 KG की तिल्ली
रांची:झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। अस्पताल के सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर बुंडू की रहने वाली एक गरीब किसान की पत्नी को नया जीवन दिया है। आयुष्मान भारत योजना के सहयोग से यह पूरा इलाज और ऑपरेशन पूरी तरह से निशुल्क (Free of cost) हुआ है।

कैंसर का था शक, हीमोग्लोबिन गिरकर पहुंचा था 5 पर
रांची के बुंडू (आनेडीह) की रहने वाली सुलोचना देवी पिछले काफी लंबे समय से पेट में तेज दर्द, भारीपन और कमजोरी से गंभीर रूप से परेशान थीं। उनके पति श्री मृत्युंजय महतो एक छोटे किसान हैं, जिन्होंने अपनी पत्नी के इलाज के लिए कई जगहों पर चक्कर काटे। इस दौरान कुछ अस्पतालों में खून की गंभीर बीमारी और यहाँ तक कि कैंसर होने का भी शक जताया गया, जिससे परिवार पूरी तरह डरा हुआ था।
जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि सुलोचना देवी की तिल्ली (Spleen) का आकार असामान्य रूप से बहुत बड़ा हो चुका था। रिम्स (RIMS) में कराई गई एमआरआई (MRI) रिपोर्ट में तिल्ली का साइज 26*16 cm पाया गया था। इसके साथ ही मरीज के शरीर में खून की अत्यधिक कमी थी और उनका हीमोग्लोबिन स्तर गिरकर महज 5 gm/dl के आसपास आ गया था।
ऑन्कोलॉजी विभाग की सलाह पर लैप्रोस्कोपिक सर्जरी
सदर अस्पताल के सर्जरी विभाग में दिखाने के बाद ऑन्कोलॉजी (कैंसर) विभाग के डॉक्टरों से विशेष सलाह ली गई। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द तिल्ली को ऑपरेशन कर बाहर निकालने और उसकी बायोप्सी (Biopsy) कराने का फैसला लिया।
15 जून 2026 को सदर अस्पताल के सर्जरी विभाग की टीम ने आधुनिक लैप्रोस्कोपिक विधि (दूरबीन तकनीक) का इस्तेमाल करते हुए सुलोचना देवी का सफल ऑपरेशन किया।
आपरेशन के बाद जब तिल्ली को नापा गया तो उसका वजन 1.45 किलोग्राम और साइज 18*16 cm पाया गया। डॉक्टरों के इस सफल प्रयास और बेहतर पोस्ट-ऑपरेटिव केयर की बदौलत मरीज का हीमोग्लोबिन स्तर जो कभी 5 था, वह बढ़कर 11.0 gm/dl हो गया। आज मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से सकुशल छुट्टी (Discharge) दे दी गई है।
सफलता का सेहरा: इस मेडिकल टीम ने किया कमाल
इस जटिल और सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से निम्नलिखित विशेषज्ञ और स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहे:
मुख्य सर्जन: डॉ. अजीत कुमार
एनेस्थेटिस्ट (Anesthetist): डॉ. वसुधा एवं डॉ. प्रवीण
सिस्टर इन-चार्ज: नेली सिस्टर (Nely Sister)
ओटी असिस्टेंट टीम: संदीप, संतोष, सृष्टि, सरिता, संजू एवं समस्त ओटी (OT) टीम।
वरिष्ठ अधिकारियों ने दी बधाई
इस बड़ी कामयाबी पर रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार एवं उपाधिक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने ऑपरेशन करने वाली पूरी मेडिकल टीम की पीठ थपथपाई है। इसके साथ ही उन्होंने मरीज सुलोचना देवी के सुखद, सेहतमंद और दीर्घायु भविष्य की कामना की है।

सदर अस्पताल की यह कामयाबी साबित करती है कि अब राज्य के सरकारी अस्पतालों में भी आयुष्मान योजना के तहत गरीबों को कॉर्पोरेट स्तर की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुफ्त में मिल रही हैं।