बेतिया में हैवानियत की हदें पार: पारिवारिक विवाद में पिता ने 3 मासूम बच्चों और पत्नी को नहर में फेंका, तीनों बच्चों की दर्दनाक मौत
बेतिया (पश्चिम चंपारण): बिहार के बेतिया जिले से एक बेहद ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ कुमारबाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत लोहियरिया पंचायत के भंगहा गांव में एक पिता ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। पारिवारिक कलह से गुस्साए पिता ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों को चलती बाइक से ले जाकर तिरहुत नहर में फेंक दिया। इस खौफनाक हादसे में तीनों मासूम बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई, जबकि बच्चों की मां (आरोपी की पत्नी) किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाने में सफल रही।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
📌 वारदात की बड़ी बातें (Quick Highlights)
घटनास्थल: लोहियरिया और बरोहिया गांव के बीच तिरहुत नहर की सुगौली शाखा।
मासूम शिकार: मृत बच्चों की उम्र मात्र 6 वर्ष, 4 वर्ष और 5 महीने थी।
साजिश: आरोपी पिता ‘मायके छोड़ने’ के बहाने चारों को बाइक पर बैठाकर लाया था।
पुलिस एक्शन: मुख्य आरोपी पिता रामबाबू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
🛑 ‘मायके छोड़ने’ के बहाने लाया और सीधे नहर में दे दिया धक्का
मिली जानकारी के अनुसार, भंगहा निवासी आरोपी रामबाबू यादव और उसकी पत्नी ललिता देवी के बीच पिछले कुछ दिनों से गंभीर अनबन चल रही थी। मंगलवार की सुबह भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हुई। इसके बाद रामबाबू ने विवाद शांत करने के बजाय एक खौफनाक साजिश रची।
उसने पत्नी से कहा कि वह उसे उसके मायके छोड़ देता है। इसके बाद उसने पत्नी और तीनों मासूम बच्चों को अपनी बाइक पर बैठाया और घर से निकल गया। आरोप है कि जैसे ही वह लोहियरिया चौक के समीप तिरहुत नहर के पास पहुंचा, उसने अचानक बाइक रोकी और सबसे पहले पत्नी ललिता देवी को गहरे पानी में धक्का दे दिया। इसके बाद उसने बेरहमी से एक-एक कर अपने ही तीनों मासूम बच्चों को भी नहर के तेज बहाव में फेंक दिया।
🏊♀️ मां ने किसी तरह बचाई जान, मायके पहुंचकर बयां की दास्तां
नहर के गहरे पानी में फेंके जाने के बाद पत्नी ललिता देवी ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह तैरकर पानी से बाहर निकलने में सफल रही। बदहवास हालत में वह अपने मायके (मझौलिया थाना क्षेत्र के बिरवा गांव) पहुंची और परिजनों को रोते हुए इस पूरी हैवानियत की जानकारी दी। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और भारी संख्या में ग्रामीण नहर की तरफ दौड़े।
शवों को ढूंढने में लगे कई घंटे:
ग्रामीणों और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। दोपहर करीब 12 बजे 6 वर्षीय बच्ची का शव बरामद हुआ। इसके बाद दोपहर 3 बजे 4 वर्षीय बेटे का शव मिला। आखिरकार, शाम करीब 4 बजे पुलिस की मौजूदगी में 5 महीने की मासूम बच्ची का शव भी ग्रामीणों ने नहर से बाहर निकाला।
⚖️ 10 साल पहले हुई थी शादी, आरोपी पिता भेजा जा रहा न्यायिक हिरासत में
मृतका के भाई सुदामा यादव ने रोते हुए बताया कि करीब 10 वर्ष पूर्व उसकी बहन ललिता की शादी रामबाबू यादव से धूमधाम से हुई थी, लेकिन किसे पता था कि वह अपनी ही हंसती-खेलती गृहस्थी को इस तरह उजाड़ देगा।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर मुस्तैद थी। पुलिस ने तीनों बच्चों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच (GMCH) भेज दिया है।
सदर एसडीपीओ (SDPO) अजीत कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
“आरोपित पिता रामबाबू यादव को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की सघन जांच कर रही है। कागजी कार्रवाई और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।”
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