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पटना: सचिवालय थाने से रिहा होते ही गरजे तेजस्वी यादव, बोले– ‘गोली चलाने का आदेश किसने दिया, जवाब दें सीएम’
पटना डिजिटल डेस्क: बिहार की राजधानी पटना में नीट पेपर लीक, बेरोजगारी और सीवान गोलीकांड के विरोध में ‘लोकभवन मार्च’ निकाल रहे विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया है। सचिवालय थाने से बाहर आते ही तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री पर जोरदार हमला बोला।
“जब तक न्याय नहीं, तब तक जंग जारी रहेगी” — तेजस्वी यादव
सचिवालय थाने से रिहाई के तुरंत बाद मीडिया को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कड़े शब्दों में कहा:
“जब तक मुख्यमंत्री जिम्मेदारी तय नहीं करेंगे, पूरी घटना पर अपना वक्तव्य नहीं देंगे और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया—तब तक यह लड़ाई खत्म नहीं होगी। जब तक बिहार के छात्रों के साथ न्याय नहीं होता और बेरोजगारी खत्म नहीं होती, हम सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे।”
क्या था पूरा मामला? (Key Highlights)
लोकभवन मार्च का आयोजन: आरजेडी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जेपी गोलंबर से लोकभवन की ओर विरोध मार्च निकाला था।
वाटर कैनन का इस्तेमाल: आयकर गोलंबर के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और पानी की बौछारें (Water Cannons) छोड़ीं।
तेजस्वी समेत कई नेता हिरासत में: प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव, सांसद मीसा भारती सहित कई प्रमुख आरजेडी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर सचिवालय थाना भेज दिया था।
मुख्य मुद्दे: आरजेडी का यह प्रदर्शन सीवान में छात्रों पर हुई गोलीबारी की घटना, बार-बार हो रहे पेपर लीक और राज्य में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ था।
युवाओं के हक की आवाज को दबा नहीं सकती सरकार
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है और परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने साफ किया कि लाठी, पानी की बौछारों या जेल के डर से विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।