Wednesday, August 26, 2026
  • About
  • Careers
  • Contact
First Report Live
  • राष्ट्रीय
  • बिहार
    • पटना
    • दरभंगा
    • भागलपुर
    • बांका
    • गया
    • औरंगाबाद
    • रोहतास
    • कैमूर
    • जहानाबाद
    • नवादा
  • झारखंड
    • रांची
    • हजारीबाग
    • जमशेदपुर
    • धनबाद
    • बोकारो
    • गिरिडीह
    • दुमका
  • पॉलिटिक्स
  • बिजनेस
  • धर्म
  • फिल्मी
  • करियर
  • खेल
No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • बिहार
    • पटना
    • दरभंगा
    • भागलपुर
    • बांका
    • गया
    • औरंगाबाद
    • रोहतास
    • कैमूर
    • जहानाबाद
    • नवादा
  • झारखंड
    • रांची
    • हजारीबाग
    • जमशेदपुर
    • धनबाद
    • बोकारो
    • गिरिडीह
    • दुमका
  • पॉलिटिक्स
  • बिजनेस
  • धर्म
  • फिल्मी
  • करियर
  • खेल
No Result
View All Result
First Report Live

Home » भारत को अपनी उपलब्धियों को बचाए रखने हेतु एआई के उपयोग की जरूरत :सुश्री रुबल चिब !

भारत को अपनी उपलब्धियों को बचाए रखने हेतु एआई के उपयोग की जरूरत :सुश्री रुबल चिब !

चर्चा एआई की सैद्धांतिक क्षमता से हटकर व्यवहार में उसके द्वारा हल की जा सकने वाली समस्याओं पर टिकती जा रही है .

firstreport desk2 by firstreport desk2
7 months ago
in विविध
Reading Time: 1 min read
A A
0
भारत को अपनी उपलब्धियों को बचाए रखने हेतु एआई के उपयोग की जरूरत  :सुश्री रुबल चिब !
1
SHARES
4
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

ये भीपढ़िये

ED Summon in Ranchi: रांची ED का बड़ा एक्शन, मंत्री रामेश्वर उरांव, बेटे रोहित और पूर्व IAS अमित प्रकाश को समन

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की पुण्यतिथि शहादत दिवस मनाया गया !

योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से खिले चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे !

झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तीन वर्ष के लिए निष्कासित –

भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लेकर चल रहा विमर्श अब परिपक्व होता जा रहा है। ध्यान अब अमूर्त क्षमता से हटकर व्यावहारिक प्रभाव पर केन्द्रित होता जा रहा है। चर्चा एआई की सैद्धांतिक क्षमता से हटकर व्यवहार में उसके द्वारा हल की जा सकने वाली समस्याओं पर टिकती जा रही है। खाद्य और कृषि जैसे कुछ ही क्षेत्र इस अंतर को इतनी स्पष्टता से दर्शा पा रहे हैं। ये वो क्षेत्र हैं जहां अक्षमताएं मामूली नहीं बल्कि प्रणालीगत हैं और प्रौद्योगिकी को जहां जलवायु, लॉजिस्टिक्स एवं बाजार से जुड़ी गहरी स्थानीय वास्तविकताओं के दायरे में काम करना चाहिए।
खाद्य प्रणालियां इस समस्या को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। भारत अपनी आबादी को खिलाने के लिए पर्याप्त से अधिक उत्पादन करता है, फिर भी अनुमानित 68 मिलियन टन भोजन हर साल बर्बाद हो जाता है। इसमें अनियमित आपूर्ति, खराब गुणवत्ता मूल्यांकन और खंडित आपूर्ति श्रृंखलाओं के कारण कटाई के बाद 35-40 प्रतिशत फल एवं सब्जियां नष्ट हो जाती हैं। संकट उत्पादन का नहीं, बल्कि रोके जा सकने वाले नुकसान का है। यह नुकसान किल्लत का नहीं, बल्कि पैदावार एवं उपभोग और आंकड़ों एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया के बीच के असंतुलन का नतीजा है। सालों से, गुणवत्ता और समय से जुड़ी विश्वसनीय एवं वास्तविक जानकारियों का अभाव भारतीय किसानों तथा नियामकों के लिए एक चुनौती बना हुआ है। जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप डिजाइन किया जाता है, तो यह इस खाई को पाटने का एक रास्ता खोलती है।
जैविक वास्तविकता और आर्थिक निर्णय लेने की प्रक्रिया के बीच की यह खाई ही वह क्षेत्र है जहां व्यावहारिक एआई का खासा कारगर हो सकता है। क्यूजेंस लैब्स में, हमारा काम एक साधारण अवलोकन से शुरू हुआ: अब जबकि भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे ने भुगतान, पहचान और सेवाओं की आपूर्ति को पूरी तरह बदल दिया है, गुणवत्ता का आकलन करने के तरीके के मामले में खाद्य अर्थव्यवस्था काफी हद तक एनालॉग ही बनी हुई है। ‘क्यूस्कैन’ नाम की जो एआई-संचालित संवेदन प्रणाली हमने विकसित की है, वह फलों और सब्जियों में आंतरिक गुणवत्ता संबंधी संकेतों को पकड़ने हेतु अवरक्त (इंफ्रारेड) स्पेक्ट्रोस्कोपी तथा कृत्रिम सूंघने की क्षमता (आर्टिफीशियल ओल्फैक्शन) का उपयोग करती है और उन्हें निर्णय लेने के समय उपयोगी जानकारियों में परिवर्तित करती है। इरादा स्वचालन को सिर्फ दिखावे की मंशा से लागू करना भर नहीं, बल्कि कम लाभ पर काम करने वाले उपभोक्ताओं, किसानों और खुदरा विक्रेताओं के लिए अनिश्चितताओं को कम करना था।
इस अनुभव से यह बात स्पष्ट हो गई है कि एआई की प्रभावशीलता मूल रूप से संदर्भ पर निर्भर करती है। विदेशी आंकड़े (डेटासेट) या मानकीकृत आपूर्ति श्रृंखलाओं पर प्रशिक्षित मॉडल भारत की उन विविधता भरी परिस्थितियों में विफल हो जाते हैं, जहां फसलों की किस्में, जलवायु, भंडारण की पद्धतियां और बाजार की संरचनाएं विभिन्न क्षेत्रों में बिल्कुल ही अलग-अलग होती हैं। खासकर खाद्य प्रणालियों में, सटीकता को स्थानीयता से अलग नहीं किया जा सकता। भारतीय उपज, भारतीय लॉजिस्टिक्स और भारतीय व्यवहारिक मानदंडों को न समझने वाली एआई के लिए न्यूनतम रूप से अप्रासंगिक और अधिकतम रूप से भ्रामक होने का जोखिम होता है।
इसीलिए संप्रभु एवं घरेलू जड़ों में निहित एआई पर वर्तमान नीतिगत जोर सामयिक और जरूरी, दोनों है। ‘इंडियाएआई मिशन’ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति राज्य के दृष्टिकोण में एक स्पष्ट बदलाव का संकेत देता है – इसे रोजमर्रा की वास्तविकताओं से कटे एक अत्याधुनिक तकनीक के रूप में नहीं, बल्कि विकासात्मक बुनियादी ढांचे के रूप में देखा जा रहा है। स्वदेशी एआई अनुप्रयोगों के लिए लक्षित वित्तपोषण, राष्ट्रीय कंप्यूटिंग क्षमता में निवेश, भारतीय डेटासेट के लिए समर्थन और क्षेत्र-विशिष्ट समाधानों को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों के जरिए, यह मिशन सक्रिय रूप से एक ऐसे इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है जहां नवाचार स्थानीय जरूरतों पर आधारित है। स्वदेशी मॉडलों, स्टार्टअप और जनहित की परियोजनाओं का समर्थन करके, यह मिशन अन्य भौगोलिक क्षेत्रों से लिए गए एआई प्रणालियों के बजाय भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप डिजाइन की गई एआई प्रणालियों के लिए जगह बना रहा है।
खाद्य और कृषि के उदाहरणों से साफ होता है कि यह क्यों महत्वपूर्ण है। फसल की कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने से किसानों की आय, खाद्य पदार्थों की कीमतों और पर्यावरण से जुड़े नतीजों पर सीधा असर पड़ता है। बचाई गई उपज की प्रत्येक इकाई भूमि, जल और ऊर्जा संसाधनों पर दबाव को कम करती है, जोकि जलवायु परिवर्तन और जिम्मेदार उपभोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है। अक्सर व्यवहार में बदलाव या नए इनपुट की जरूरत वाले उपज बढ़ाने के उपायों के उलट, बेहतर गुणवत्ता मूल्यांकन समन्वय में सुधार करके बेहतर नतीजों को संभव बनाता है – जिससे प्रणाली सही समय पर कार्य करने में सक्षम होती है।
समावेशन का प्रश्न भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सार्वजनिक हित में एआई का सदुपयोग तभी संभव है जब यह सिर्फ बड़े उद्यमों के बजाय छोटे व्यवसायों के लिए भी सुलभ हो। भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में इसका आशय ऐसे उपकरणों से है जो अनौपचारिक बाजारों में काम करें, स्थानीय भाषाओं का समर्थन करें और मानवीय निर्णय को दरकिनार करने के बजाय उसका पूरक बनें। अस्पष्ट सुझाव थोपने वाली प्रौद्योगिकियां विश्वास अर्जित करने के लिए जूझेंगी। अदृश्य जानकारी को दृश्यमान बनाकर निर्णय लेने की प्रक्रिया को सुगम बनाने वाली प्रौद्योगिकियों के स्वाभाविक रूप से व्यापक होने की संभावनाएं कहीं अधिक हैं।
हमारे देश की राजधानी में 16 से 20 फरवरी 2026 के दौरान आयोजित होने वाला ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ ऐसे समय में हो रहा है जब ये अंतर और भी स्पष्ट होते जा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर, एआई से जुड़ी चर्चाएं शक्तियों के केन्द्रीकरण, डेटा संबंधी विषमताओं और पर्यावरण से जुड़ी कीमतों जैसे मुद्दों से जूझ रही हैं। भारत के लिए मौका एक अलग राह दिखाने में निहित है, एक एक ऐसी राह जहां बुद्धिमत्ता विकेन्द्रीकृत, संदर्भों के प्रति जागरूक और वास्तविक आर्थिक प्रणालियों में समाहित हो। कृषि, खाद्य संबंधी लॉजिस्टिक्स और जलवायु अनुकूलन एआई से जुड़ी कहानी में हाशिए पर नहीं, बल्कि इसके केन्द्र में हैं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एआई अपने आप ही प्रभाव उत्पन्न नहीं करता। इसके लिए विषय-वस्तु की गहरी समझ, जटिल नीतिगत वास्तविकताओं के प्रति धैर्य और सार्वजनिक संस्थानों के साथ घनिष्ठ समन्वय की जरूरत होती है। हालांकि, जब ये शर्तें पूरी की जाती हैं, तो एआई उन क्षेत्रों को चुपचाप बदल सकता है जिन्होंने लंबे समय से सुधार का विरोध किया है। यह बदलाव व्यवधान के जरिए नहीं, बल्कि पूर्व में लिए गए बेहतर निर्णयों के जरिए होता है।
इम्पैक्ट समिट जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है, नीति निर्माताओं, प्रौद्योगिकीविदों और उद्यमियों के सामने एआई को अंधाधुंध रूप से अपनाने के बजाय सोच-समझकर और गहराई से लागू करने की चुनौती है। सफलता को मॉडल के मानकों के बजाय अपव्यय को कम करने, आय को स्थिर करने और सुदृढ़ता को मजबूत करने में बुद्धिमत्ता की कामयाबी के आधार पर मापा जाना चाहिए। भारत के विकास के कई अन्य क्षेत्रों की तरह, खाद्य प्रणालियों में एआई का सबसे बड़ा योगदान शायद समय रहते कार्रवाई करने में हमारी मदद करना ही है।

Tags: #India needs# to use AI #to preserve# its achievements# Ms. Rubal Chib .
ShareTweetSendShare
firstreport desk2

firstreport desk2

You May Like This

केरल में दिवंगत नन्ही बिटिया आलिन शेरिन अब्राहम का अंगदान !

केरल में दिवंगत नन्ही बिटिया आलिन शेरिन अब्राहम का अंगदान !

by firstreport desk2
6 months ago
0

रांची :मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एक्स हैंडल (X handle) पर ट्वीट कर कहा है कि हमारे देश, केरल की नन्ही...

यूएस ट्रेड डील अमेरिकी हित में जबरदस्त डील है,इसमें भारत का नुकसान :प्रानव झा !

यूएस ट्रेड डील अमेरिकी हित में जबरदस्त डील है,इसमें भारत का नुकसान :प्रानव झा !

by firstreport desk2
6 months ago
0

रांची : देश की सरकार किसके हाथ में है नरेंद्र मोदी या डोनाल्ड ट्रंप के हाथों में। देश विषम परिस्थितियों...

Quels sont les critères de sécurité qui distinguent Winner Casino des autres ?

by firstreport desk2
7 months ago
0

En tant qu’analyste online casino, je reçois régulièrement des questions sur la fiabilité des plateformes de jeu. Winner Casino se...

Playing Smarter, Winning More: Strategies for Trino Casino Players

by firstreport desk2
7 months ago
0

Mastering Your Approach at Trino Casino When it comes to maximising your success at online platforms, understanding the nuances of...

सबका सम्मान-जीवन आसान के तहत् फरियादियों से मिले गृह सचिव !

सबका सम्मान-जीवन आसान के तहत् फरियादियों से मिले गृह सचिव !

by firstreport desk2
7 months ago
0

सात निश्चय-3 के तहत् "सबका सम्मान-जीवन आसान" योजना के अंतर्गत दिनांक 02 फरवरी, सोमवार को गृह सचिव सह कारा महानिरीक्षक...

Comment profiter des bonus exclusifs Golden Panda Casino facilement

by firstreport desk2
7 months ago
0

Pourquoi Golden Panda Casino séduit-il les joueurs ? Golden Panda Casino est rapidement devenu une référence incontournable dans l’univers des...

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग न्यूज

  • डिग्री नहीं, ‘सौदा’ हो रहा है!’ Radha Govind University Ramgarh में फर्जी डिग्री और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप, मान्यता पर मंडराया खतरा

    डिग्री नहीं, ‘सौदा’ हो रहा है!’ Radha Govind University Ramgarh में फर्जी डिग्री और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप, मान्यता पर मंडराया खतरा

    28 shares
    Share 11 Tweet 7
  • CUJ Ranchi Protest: सेंट्रल यूनिवर्सिटी में मेस फीस वृद्धि के खिलाफ गेट पर बैठे छात्र, भूख हड़ताल का ऐलान

    12 shares
    Share 5 Tweet 3
  • बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर अब सख्ती !

    183 shares
    Share 73 Tweet 46
  • हेमंत सोरेन ने बांटे नियुक्ति पत्र !

    168 shares
    Share 67 Tweet 42
  • चोरों ने हेहल अंचल कार्यालय का ताला तोड़ा और हाथ साफ किया !

    160 shares
    Share 64 Tweet 40

अभी अभी

महागामा इंटरमीडिएट कॉलेज में शासी निकाय की बैठक: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने दिए शैक्षणिक व प्रशासनिक सुधार के निर्देश

महागामा इंटरमीडिएट कॉलेज में शासी निकाय की बैठक: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने दिए शैक्षणिक व प्रशासनिक सुधार के निर्देश

August 26, 2026
भाजपा राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा का प्रदेश कार्यालय में भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं का जताया आभार

भाजपा राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा का प्रदेश कार्यालय में भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं का जताया आभार

August 26, 2026
पाकुड़ में DMFT फंड से बनी सड़क में धांधली: बाबूलाल मरांडी ने सीएम को लिखा पत्र, 95 लाख की योजना में फर्जीवाड़े का आरोप

JSSC परीक्षा विवाद: बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत सोरेन को लिखा पत्र, प्रशांत कुमार को परीक्षा सुधार समिति से हटाने और CBI जांच की मांग

August 26, 2026
झारखंड के अधिकारों पर दिल्ली का पहरा क्यों?’: खनिज संशोधन पर झामुमो का बीजेपी पर तीखा प्रहार

आदिवासी-मूलवासी का सवाल उठाने पर ‘दिमागी नक्सल’ कहना झारखंड का अपमान — विनोद कुमार पांडेय

August 26, 2026
राकेश सिन्हा का बाबूलाल मरांडी पर तंज: ‘बिहार में छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ सम्राट चौधरी को पत्र लिखें’

राकेश सिन्हा का बाबूलाल मरांडी पर तंज: ‘बिहार में छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ सम्राट चौधरी को पत्र लिखें’

August 26, 2026
First Report Live

First Report Live हर कीमत पर जनता की शब्द और आवाज़ बनकर खबर प्रकाशित करती है। हमारी नज़र विशेष तौर पर बिहार-झारखंड के साथ साथ पूरे देश की खबरों पर बनी रहती है। लेटेस्ट खबरों की अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए।

  • About
  • Careers
  • Contact

© 2021–2023 firstreportlive.in | All Rights Reserved | Designed and Managed by ITVision Web Technologies

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • बिहार
    • पटना
    • दरभंगा
    • भागलपुर
    • बांका
    • गया
    • औरंगाबाद
    • रोहतास
    • कैमूर
    • जहानाबाद
    • नवादा
  • झारखंड
    • रांची
    • हजारीबाग
    • जमशेदपुर
    • धनबाद
    • बोकारो
    • गिरिडीह
    • दुमका
  • पॉलिटिक्स
  • बिजनेस
  • धर्म
  • फिल्मी
  • करियर
  • खेल

© 2021–2023 firstreportlive.in | All Rights Reserved | Designed and Managed by ITVision Web Technologies

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.