महागामा इंटरमीडिएट कॉलेज शासी निकाय की बैठक संपन्न, शैक्षणिक सुधार और कर्मचारियों के हित में लिए गए कई फैसले !
महागामा। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री सह महागामा विधायक श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में इंटरमीडिएट महाविद्यालय, महागामा की शासी निकाय की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संस्थान के सुचारू संचालन, शैक्षणिक स्तर में सुधार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े कई अहम नीतिगत विषयों पर चर्चा की गई।

कर्मियों के वेतनमान और नई नियुक्तियों पर मंथन
बैठक के दौरान महाविद्यालय के प्रशासनिक एवं वित्तीय ढांचे को मजबूत करने के लिए कई प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श हुआ। इनमें मुख्य रूप से शामिल विषय:
वेतनमान एवं पीएफ: कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड (PF) और नए वेतनमान को लागू करने पर चर्चा।
रिक्त पदों पर भर्ती: कॉलेज में खाली पड़े पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करना।
निधि का वितरण: महाविद्यालय द्वारा अर्जित कोष की राशि का कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के बीच पारदर्शी वितरण।
प्रशासनिक व्यवस्था: नए प्रिंसिपल के पदस्थापन की प्रक्रिया।
सेवानिवृत्त कर्मियों का हित: अनुदान राशि में से 10 प्रतिशत हिस्सा अवकाश प्राप्त कर्मचारियों के बीच वितरित करने पर विचार।
विद्यार्थियों का भविष्य और बेहतर शिक्षा हमारी प्राथमिकता: मंत्री
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और कॉलेज में बेहतर माहौल तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में ये गणमान्य रहे उपस्थित
इस शासी निकाय बैठक में महाविद्यालय प्रबंधन और प्रशासन के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे:
नवल किशोर प्रसाद (सचिव, इंटरमीडिएट महाविद्यालय महागामा)
आलोक वरण केसरी (अनुमंडल पदाधिकारी, महागामा)
मो. सिराजुद्दीन (जैक प्रतिनिधि)
मो. मोहिउद्दीन (प्रभारी प्राचार्य)
सजल हजारी (शिक्षक प्रतिनिधि)














