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नई दिल्ली में ‘विभागीय शिखर सम्मेलन-2026’: झारखंड के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने PM मोदी से की ₹6,105 करोड़ केंद्रांश की मांग
नई दिल्ली / रांची: पेजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के माननीय मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद ने नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित दो-दिवसीय ‘विभागीय शिखर सम्मेलन–2026’ के समापन सत्र में सहभागिता की। इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
जल सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर मंथन
सम्मेलन के दौरान देशभर में चल रही जल परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया:
जन-आंदोलन: जल संचय और संरक्षण को व्यापक स्तर पर जन-आंदोलन का रूप देना।
सुरक्षित पेयजल: ग्रामीण पेयजल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित बनाए रखना।
भरोसेमंद आपूर्ति: प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक पर्याप्त, सुरक्षित, नियमित एवं भरोसेमंद जल सेवा सुनिश्चित करना।
झारखंड के लिए ₹6,105 करोड़ के बकाया फंड की मांग
कार्यक्रम के दौरान मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने झारखंड में पेयजल योजनाओं की प्रगति और आवश्यकताओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने राज्य में जारी जल परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र सरकार के पास लंबित ₹6,105 करोड़ के केंद्रांश (Central Share) को शीघ्र जारी करने का आग्रह किया, ताकि ग्रामीण इलाकों में पाइप जलापूर्ति का काम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
विकसित भारत और जल-सुरक्षित झारखंड का संकल्प
माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार राज्य को ‘जल-सुरक्षित’ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सम्मेलन से प्राप्त सुझावों और मार्गदर्शन को झारखंड की स्थानीय भौगोलिक आवश्यकताओं के अनुरूप धरातल पर लागू करने की रणनीति बनाई गई है। केंद्र और राज्य सरकार के आपसी समन्वय से वर्षा की हर एक बूंद को सहेजते हुए, ‘जल-सुरक्षित झारखंड’ और ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।