Home » अंगदान से मिल सकती है कई लोगों को नई जिंदगी, रांची में ‘Organ Donation’ कार्यशाला में बोले सीएम हेमंत सोरेन
“अंगदान महादान: किसी की मौत के बाद दूसरा पा सकता है नया जीवन” — रांची में बोले सीएम हेमंत सोरेन; ऑर्गन डोनेशन के लिए झारखंड सरकार करेगी बड़ी पहल
मोहन फाउंडेशन की ‘Best Practices’ कार्यशाला में शामिल हुए मुख्यमंत्री; डॉक्टरों से कहा— ‘अस्पतालों में मौत के बाद परिजनों की काउंसिलिंग करना बेहद जरूरी’
रांची, 16 जून 2026:
चिकित्सा विज्ञान और मानवता के सबसे बड़े समन्वय यानी अंगदान (Organ Donation) को लेकर झारखंड सरकार ने अपनी संवेदनशीलता दिखाई है। रांची के बारियातू रोड स्थित एक प्रतिष्ठित होटल में मोहन फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘Best Practices in Organ & Tissue Donation’ विषयक राष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग एवं ऊतक दान (Organ & Tissue Donation) एक ऐसा पुनीत कार्य है, जो किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी कई अन्य परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियां ला सकता है। उन्होंने इसके कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर व्यापक जन-जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
📊 अंगदान कार्यशाला 2026: मुख्य फोकस और एजेंडा
झारखंड को अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए मुख्य सुझाव और कार्यशाला के एजेंडे का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
मुख्य फोकस बिंदु
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रणनीतिक पहल और मुख्यमंत्री के निर्देश
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जागरूकता त्रिकोण
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सरकार, स्वास्थ्य संस्थान और सामाजिक संगठन मिलकर संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे।
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हॉस्पिटल काउंसिलिंग
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अस्पतालों में किसी व्यक्ति की मृत्यु के तुरंत बाद उनके परिजनों से अंगदान के लिए संवेदनशीलता से बात की जाए।
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अत्याधुनिक चिकित्सा
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राज्य में लिवर, किडनी प्रत्यारोपण (Transplant) और रोबोटिक सर्जरी का विस्तार करना।
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कानूनी पहलू
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अंगदान की कानूनी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाना ताकि आम लोगों का भरोसा बढ़े।
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🩺 “रोबोटिक ऑपरेशन और ट्रांसप्लांट के दौर में अंगदान ही सबसे बड़ी मानवता”
मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने चिकित्सा जगत में आ रहे तकनीकी बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि आज का युग पूरी तरह तकनीक आधारित चिकित्सा प्रणाली का है। चिकित्सा जगत में बड़े पैमाने पर रोबोटिक ऑपरेशन हो रहे हैं। लिवर और किडनी का सफल प्रत्यारोपण हो रहा है, लेकिन इन सबके लिए ‘अंगों की उपलब्धता’ सबसे बड़ी चुनौती है।
उन्होंने आगे कहा:
“अंगदान महज एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह शुद्ध रूप से मानवता, संवेदनशीलता, करुणा और हमारे सामाजिक उत्तरदायित्व का सर्वोच्च प्रतीक है। स्वस्थ झारखंड के निर्माण की दिशा में हमारी सरकार सकारात्मक कदम उठा रही है और इस मुहिम को जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष रोडमैप तैयार करने को कहा गया है।”
🤝 मोहन फाउंडेशन की अनूठी पहल को सराहा
मुख्यमंत्री ने इस संवेदनशील विषय पर राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला आयोजित करने के लिए ‘मोहन फाउंडेशन’ की टीम की जमकर पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से डॉक्टरों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नीति निर्धारकों को वैश्विक स्तर की ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ (सर्वोत्तम प्रथाओं) को समझने और उन्हें झारखंड में लागू करने का मौका मिलता है।
👥 कार्यशाला में देश और राज्य के शीर्ष चिकित्सा विशेषज्ञ रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय और विचारोत्तेजक कार्यशाला में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, मणिपाल ऑर्गन शेयरिंग के कंट्री हेड कर्नल अवनीश, मोहन फाउंडेशन की कंट्री हेड श्रीमती ललिता रघुराम, क्रिटिकल केयर मणिपाल के अध्यक्ष डॉ० विजय कुमार मिश्रा तथा कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के संस्थापक निदेशक डॉ० बी० कश्यप सहित देश-विदेश के कई गणमान्य चिकित्सक, स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ और अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।