Home » बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर खुद लड़ेंगे चुनाव, जन सुराज कोर कमिटी का बड़ा फैसला | Prashant Kishor Bankipur Bypoll 2026
बिहार राजनीति में सबसे बड़ा धमाका: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में खुद मैदान में उतरेंगे प्रशांत किशोर, जन सुराज का एलान
“भाजपा को हराने के लिए जो कुछ भी करना पड़े, वो करेंगे… यह चुनाव नीतीश-सम्राट सरकार के चाल, चरित्र और चेहरे पर जनमत संग्रह है।” — प्रशांत किशोर
पटना: बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। जन सुराज पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अपने सबसे बड़े चेहरे प्रशांत किशोर (PK) को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने पटना कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की आधिकारिक घोषणा की।
मनoj भारती ने बताया कि पार्टी की कोर कमिटी की बैठक में सर्वसम्मति से प्रशांत किशोर को बांकीपुर सीट से उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया है। 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद जन सुराज का यह अब तक का सबसे बड़ा और आक्रामक कदम माना जा रहा है।
‘पिछले दरवाजे से बने सीएम’ – सम्राट चौधरी पर पीके का सीधा हमला
उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। पीके ने कहा:
“बांकीपुर का यह चुनाव महज एक सीट का मुकाबला नहीं है, बल्कि यह पिछले 6 महीने से सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रही एनडीए सरकार के कामकाज, नीति और नीयत पर जनता का जनमत संग्रह (Referendum) है। सम्राट चौधरी जनता द्वारा चुनकर नहीं आए हैं, उन्हें पीछे के दरवाजे से मुख्यमंत्री बनाया गया है। जनता ने तो नीतीश कुमार को चुना था।”
पीके ने आगे चुनौती देते हुए कहा, “अगर बांकीपुर में भाजपा जीतती है, तो मैं मानूँगा कि जनता को उनकी नीतियां स्वीकार हैं। लेकिन अगर भाजपा यहाँ हारती है, तो सरकार को यह समझना होगा कि बिहार के लोग उनके इस चाल, चरित्र और चेहरे को खारिज कर चुके हैं।”
चुनाव लड़ने के फैसले पर क्या बोले प्रशांत किशोर?
10 साल का संकल्प: प्रशांत किशोर ने साफ किया, “पिछले 4 सालों से जन सुराज ही मेरा जीवन है। अगले 10 सालों तक जब तक बिहार को बदलने की यह संकल्पना पूरी नहीं हो जाती, मेरा कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है।”
कार्यकर्ताओं की हताशा होगी दूर: उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद कार्यकर्ताओं में जो थोड़ी उदासी थी, बांकीपुर की जीत उसे पूरी तरह से खत्म कर देगी और बिहार बदलाव की सोच को पुनर्जीवित करेगी।
जनता की मांग पर लिया फैसला: पीके के अनुसार, बांकीपुर के प्रबुद्ध मतदाताओं और कार्यकर्ताओं ने पिछले डेढ़ महीने से लगातार उन पर खुद चुनाव लड़ने का दबाव बनाया था, जिसके बाद उन्होंने इस जिम्मेदारी को स्वीकार किया।
क्या बदलेगा बांकीपुर के इस चुनाव से?
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि इस एक सीट के परिणाम से बिहार की सरकार तो नहीं बदलेगी, लेकिन बिहार की राजनीति की दिशा और दशा जरूर बदल जाएगी। उन्होंने बांकीपुर की जनता से अपील की कि यदि वे बिहार में सचमुच बदलाव चाहते हैं, तो सबसे काबिल उम्मीदवार को चुनकर सरकार की नीतियों पर अपना कड़ा निर्णय सुनाएं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये नेता भी रहे मौजूद:
इस ऐतिहासिक एलान के दौरान जन सुराज के वरिष्ठ नेता रामबली चंद्रवंशी, किशोर कुमार मुन्ना, केसी सिन्हा, MLC आफाक अहमद, कुमार सौरव, सुभाष कुशवाहा, सरवर अली, इंदू सिन्हा, ओबैदुर रहमान, जेपी सिंह और राकेश पटेल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।