Home » धनबाद में कोयला चोरी पर शाह सख्त: लागू होगा ‘ज़ीरो कोल लीकेज प्लान’, CISF की सुरक्षा और GST से कसी जाएगी नकेल
धनबाद में कोयला चोरी पर शाह सख्त: लागू होगा ‘ज़ीरो कोल लीकेज प्लान’, हाई-टेक कैमरों से होगी निगरानी !
नई दिल्ली : देश में अवैध कोयला खनन और कोयले की चोरी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और कोयला व खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में धनबाद (झारखंड) और उसके आस-पास के इलाकों में कोयले की चोरी की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए “ज़ीरो कोल लीकेज प्लान” (Zero Coal Leakage Plan) लागू करने का बड़ा निर्णय लिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव समेत CISF, कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और BCCL के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
🔥 कड़े एक्शन की तैयारी: अधिकारियों को मिले जब्ती और तलाशी के सीधे अधिकार
बैठक में गृह मंत्री को अवगत कराया गया कि अक्टूबर 2025 की समीक्षा के बाद से जमीन पर कई ठोस कदम उठाए गए हैं।
बड़ा बदलाव: अब CISF और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को ‘खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957’ (MMDR Act) के तहत सीधे कार्रवाई करने का कानूनी अधिकार दे दिया गया है।
इस अधिकार के तहत सुरक्षा बल और अधिकारी अब:
सीधे कोर्ट में केस दर्ज करा सकेंगे।
संदिग्ध ठिकानों पर जाकर तलाशी (Search) और ज़ब्ती (Seizure) कर सकेंगे।
अवैध कोयले के साथ-साथ इसमें इस्तेमाल होने वाले औज़ारों, मशीनों और गाड़ियों को तुरंत ज़ब्त कर सकेंगे।
इसके अलावा, दिसंबर 2025 में लिए गए निर्णय के अनुसार ‘कोयला क्षेत्र समन्वय समिति’ (Coal Sector Coordination Committee) का गठन भी पूरा कर लिया गया है जो सभी एजेंसियों के बीच तालमेल बिठा रही है।
🛑 ‘ज़ीरो कोल लीकेज प्लान’ और गृह मंत्री के कड़े निर्देश
गृह मंत्री अमित शाह ने अब तक उठाए गए कदमों की सराहना तो की, लेकिन स्पष्ट किया कि अवैध खनन को जड़ से मिटाने के लिए और भी कड़े प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश जारी किए:
GST और ई-वे बिल की अनिवार्य जांच: अवैध कोयले के परिवहन को रोकने के लिए अब GST अधिकारियों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा। सड़क पर चल रहे सभी कोयला ट्रकों के ई-वे बिल (E-way Bill) की सख्ती से जांच की जाएगी ताकि केवल वैध कोयला ही उपभोक्ताओं तक पहुंचे।
CISF की प्राथमिकता सूची में कोयला क्षेत्र: गृह मंत्रालय अब CISF की तैनाती के लिए कोयला क्षेत्रों को टॉप प्रायोरिटी (प्राथमिकता सूची) में रखेगा, जिससे संवेदनशील इलाकों में तुरंत अतिरिक्त बल तैनात किया जा सके।
मल्टी-लेयर सुरक्षा और QRT का गठन: CISF को विशेष ‘क्विक रिस्पॉन्स टीमें’ (Quick Response Teams) बनाने के निर्देश दिए गए हैं जो सूचना मिलते ही मौके पर तुरंत एक्शन लेंगी। संवेदनशील इलाकों में कई स्तरों वाली (Multi-layered) सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी।
👁️ हाई-टेक कैमरों और टेक्नोलॉजी से होगी अपराधियों की पहचान
अमित शाह ने आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि:
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स (Integrated Command and Control Centers) में लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों का उपयोग किया जाए।
इन कैमरों के जरिए उन इलाकों और माफियाओं/अपराधियों की पहचान की जाएगी जो अवैध खनन और परिवहन में शामिल हैं।
सरकार का संकल्प: केंद्रीय गृह मंत्री ने साफ किया कि सरकार सार्वजनिक संसाधनों (Public Resources) की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वैध रूप से काम करने वाली कोयला कंपनियों व खनिकों के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।