Home » बिहार पर्यटन में बड़ा बदलाव: राजगीर-वाल्मीकिनगर के लिए शुरू होगी हवाई सेवा
बिहार में पर्यटन क्रांति: राजगीर-गयाजी को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, शुरू होगी हेलिकॉप्टर और एंड-टू-एंड सेवा
पटना: बिहार को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर शीर्ष स्थान दिलाने और राज्य की सांस्कृतिक विरासत का कायाकल्प करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कमर कस ली है। रविवार, 14 जून 2026 को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने गयाजी, राजगीर, नालंदा और वाल्मीकिनगर जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं बहाल करने का कड़ा निर्देश दिया है।
बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) के माध्यम से राज्य की मौजूदा योजनाओं और भावी रूपरेखा की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
🛸 पर्यटकों के लिए रियायती दर पर हेलिकॉप्टर और वायु सेवा की सौगात
बिहार के दुर्गम और सुदूर ऐतिहासिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने परिवहन कनेक्टिविटी को लेकर दो बड़े निर्देश दिए हैं:
अनुदानित हेलिकॉप्टर सेवा: मां मुंडेश्वरी मंदिर, करकटगढ़ जलप्रपात और राजगीर के लिए पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु जल्द ही अनुदानित (Subsidized) दरों पर हेलिकॉप्टर सेवा की शुरुआत की जाएगी।
वाल्मीकिनगर के लिए हवाई सेवा: प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए वाल्मीकिनगर के लिए प्रत्येक शनिवार और रविवार को विशेष रियायती दर पर वायु सेवा शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है।
🔄 BSTDC शुरू करेगा ‘एंड-टू-एंड’ सेवा और विश्वस्तरीय कॉरिडोर
पर्यटकों को बिहार में कदम रखने से लेकर वापस लौटने तक कोई असुविधा न हो, इसके लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) एक विशेष मॉडल पर काम करेगा:
पटना से एंड-टू-एंड सर्विस: पर्यटकों के पटना आगमन से लेकर उनके वापस प्रस्थान करने तक की पूरी जिम्मेदारी, परिवहन और गाइड की सुविधा ‘एंड-टू-एंड’ मोड में BSTDC द्वारा दी जाएगी।
विष्णुपद और महाबोधि कॉरिडोर: काशी विश्वनाथ की तर्ज पर गयाजी के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और बोधगया के महाबोधि मंदिर कॉरिडोर की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को जल्द अंतिम रूप देकर धरातल पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
🌐 राजगीर और नालंदा बनेंगे वैश्विक ज्ञान व अध्यात्म के केंद्र
बिहार के ऐतिहासिक गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री ने दो बड़े विज़न सामने रखे हैं:
राजगीर (Global Center of Spiritual Learning): राजगीर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को देखते हुए इसे ‘आध्यात्मिक शिक्षा के वैश्विक केंद्र’ के रूप में विकसित करने की कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।
नालंदा (Global Knowledge and Cultural Destination): नालंदा के ‘विश्व धरोहर’ (World Heritage) दर्जे को और मजबूत करते हुए इसे ‘वैश्विक ज्ञान और सांस्कृतिक केंद्र’ के रूप में स्थापित करने के लिए एक विशेष एकीकृत पैकेज (Integrated Package) तैयार होगा।
🤝 निवेश के लिए PPP मोड और युवाओं के लिए ‘होमस्टे’ नीति
रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार निजी भागीदारी को बढ़ावा देगी:
पीपीपी मोड को बढ़ावा: पर्यटन क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश और कुशल प्रबंधन के लिए Public-Private Partnership (PPP) मॉडल को अपनाया जाएगा।
ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे: पावापुरी मंदिर परिसर के चहुंमुखी विकास के साथ-साथ ‘ग्रामीण पर्यटन पहल’ (Rural Tourism Initiatives) की शुरुआत होगी। विदेशी पर्यटकों को बिहार की पारंपरिक मेहमाननवाज़ी से रूबरू कराने और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार पैदा करने के लिए ‘होमस्टे’ नीति को बड़े पैमाने पर प्रमोट किया जाएगा।
👥 बैठक में मौजूद रहे राज्य के आला अधिकारी
इस उच्चस्तरीय और निर्णायक बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, पर्यटन सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह तथा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री नंद किशोर सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।