Home » बिहार में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ शुरू, बची बिजली खरीदेगी सरकार
बिहार में सोलर क्रांति: ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का आगाज; सीएम सम्राट चौधरी ने दिया 25 लाख घरों का टारगेट, सरकार खरीदेगी एक्स्ट्रा बिजली
पटना: बिहार को देश का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी हब बनाने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मुफ्त बिजली का तोहफा देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ी शुरुआत की है। रविवार, 14 जून 2026 को नेहरू पथ स्थित विद्युत भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 1,512 करोड़ रुपये की लागत से 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर पैनल) लगाने के काम का रिमोट से अनावरण कर शुभारंभ किया।
इसके साथ ही सीएम ने ऊर्जा क्षेत्र की 1,278 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
📅 मुख्यमंत्री का कड़ा निर्देश: 20 नवंबर तक 2.5 लाख और 2027 तक 25 लाख घरों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऊर्जा विभाग को इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर समयबद्ध तरीके से काम करने का अल्टीमेटम दिया है:
पहला डेडलाइन (20 नवंबर 2026): वर्तमान सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने तक राज्य के 2.5 लाख गरीब परिवारों के छतों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य हर हाल में पूरा करना है। वहीं, 31 मार्च तक केंद्र सरकार के 4,82,000 के लक्ष्य को हासिल करना है।
महा-लक्ष्य (20 नवंबर 2027): सरकार के दो वर्ष पूरा होने तक बिहार के 25 लाख घरों को इस मुफ्त बिजली योजना के फायदे से जोड़ने का रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
💰 उत्पादित बिजली बेचेगी जनता, सीधे खाते में आएगा पैसा!
इस योजना के तहत गरीब उपभोक्ता सिर्फ बिजली बचाएंगे नहीं, बल्कि इससे कमाई भी करेंगे:
सरकार खरीदेगी बिजली: सोलर पैनल के जरिए 125 यूनिट से ज्यादा उत्पादित होने वाली अतिरिक्त बिजली को राज्य सरकार खुद खरीदेगी। इससे गरीब परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा।
ऑटोमेटिक सिस्टम बनाने का निर्देश: सीएम ने ऊर्जा विभाग को ऐसी व्यवस्था (Automatic System) खड़ी करने को कहा है, जिससे उपभोक्ता द्वारा ग्रिड को दी गई अतिरिक्त बिजली का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में स्वतः (Direct Benefit Transfer) चला जाए।
⚡ बिहार दे रहा है देश में सबसे सस्ती बिजली और ₹23,000 करोड़ की रिकॉर्ड सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने देश के अन्य बड़े राज्यों से तुलना करते हुए बिहार की बिजली नीतियों की मजबूती को सामने रखा:
23 हजार करोड़ का अनुदान: बिहार देश में अपने उपभोक्ताओं को सबसे अधिक 23,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी और सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य बन गया है। सीएम ने बताया कि यूपी जैसा बड़ा राज्य मात्र 6,000 करोड़ की सब्सिडी देता है, जबकि बिहार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद गरीबों के लिए 23,000 करोड़ खर्च कर रहा है।
400 MW से 9000 MW का सफर: वर्ष 2005 तक जिस बिहार में मात्र 400 से 500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होती थी, आज बदलते बिहार में यह खपत 13 गुना बढ़कर 9,000 मेगावाट तक पहुंच गई है। वर्ष 2005 में महज 17 लाख बिजली कनेक्शन थे, जो आज बढ़कर 2 करोड़ 22 लाख हो चुके हैं।
📊 पारदर्शिता के लिए ‘ऊर्जा अकाउंटिंग’ और स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग प्रोजेक्ट लॉन्च
बिजली चोरी पर लगाम लगाने और प्रभावी आपूर्ति के लिए सीएम ने एक और तकनीकी शुरुआत की है:
फीडर से उपभोक्ता तक नजर: राज्य में ‘ऊर्जा लेखांकन स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग परियोजना’ के तहत अब फीडर, ट्रांसफार्मर और उपभोक्ता स्तर तक पूरी बिजली का रियल-टाइम हिसाब रखा जाएगा (Energy Accounting)।
स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर का मुआयना: कार्यक्रम से पूर्व सीएम ने विद्युत भवन के चौथे तले पर स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर का निरीक्षण किया और डिस्प्ले पर पूरे बिहार के ‘रियल टाइम विद्युत कंजप्शन’ और ‘बिहार विद्युत मानचित्र’ का बारीकी से अवलोकन किया।
💬 “अब बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी, बच्चों की पढ़ाई में लगाएंगे पैसे” — लाभार्थियों का दर्द और खुशी
कार्यक्रम के दौरान मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और नालंदा जिलों के लाभार्थियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री से सीधा संवाद किया:
लाभार्थियों ने भावुक होते हुए कहा, “छत पर सोलर पैनल लगने से हमें बिजली बिल से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। अब निर्बाध बिजली मिलेगी और बिल के जो पैसे बचेंगे, उसका इस्तेमाल हम अपने बच्चों की अच्छी पढ़ाई-लिखाई में करेंगे।” लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री को ‘गरीबों का शुभचिंतक’ बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
👥 कार्यक्रम में जुटे दिग्गजों के नाम
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा मंत्री श्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल तथा ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अजय यादव ने भी संबोधित किया। मौके पर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कई जिलों के जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधि जुड़े रहे।