Home » झारखंड कृषि व्यापार मेला-2026: सीएम हेमंत सोरेन ने किया उद्घाटन, बोले— ‘आधा भार सरकार का, आधा किसानों का’
रांची के मोरहाबादी में ‘कृषि क्रांति’ का शंखनाद: सीएम हेमंत सोरेन ने किया ‘झारखंड कृषि व्यापार मेला-2026’ का भव्य आगाज; लॉन्च किया नया LOGO
टाना भगत परिवारों को पशु शेड के लिए 100% अनुदान, पशु चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र; सीएम का बड़ा एलान— ‘सिमडेगा की दीदियों का उपजाया आम अब सीधे लंदन जा रहा’
रांची, 16 जून 2026:
झारखंड के अन्नदाताओं को आधुनिक तकनीक से लैस करने और उनकी आमदनी को दोगुना करने के उद्देश्य से राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आज एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने तीन दिवसीय ‘झारखंड कृषि उत्पाद एवं व्यापार मेला-2026’ का दीप प्रज्वलित कर भव्य उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मेले के आधिकारिक LOGO का अनावरण किया और कृषि विकास को रफ्तार देने वाले ‘बिरसा कृषि रथ-2026’ वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
समारोह में राज्य भर से आए प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के महासंगम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साझा जिम्मेदारी का मंत्र दिया। उन्होंने कहा, “झारखंड की तस्वीर बदलने के लिए आधी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और आधी किसानों को उठानी होगी। जब दोनों मिलकर कदम बढ़ाएंगे, तो झारखंड के किसानों को दुनिया में कोई हरा नहीं सकता।”
📊 कृषि व्यापार मेला 2026: मुख्य सौगातें और सरकारी फैसले
मुख्यमंत्री द्वारा आज मंच से वितरित की गई परिसंपत्तियों, नियुक्तियों और कृषि क्षेत्र के लिए लिए गए बड़े नीतिगत फैसलों का पूरा ब्योरा नीचे तालिका में दिया गया है:
योजना / सरकारी पहल
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लाभार्थी और जमीन पर होने वाला मुख्य असर
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टाना भगत पशुधन विकास
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टाना भगत परिवारों को चार दुधारू पशुओं के शेड निर्माण हेतु 100% (शत प्रतिशत) अनुदान।
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डिजिटल एआई किट (Digital AI Kit)
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पशुपालन क्षेत्र में तकनीकी विकास के लिए 209 युवाओं को डिजिटल किट का वितरण।
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रोजगार एवं नियुक्ति
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विभिन्न जिलों के कृषि कार्यालयों के लिए पशु चिकित्सक एवं अनुसेवकों को मिला नियुक्ति पत्र।
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मुख्यमंत्री सम्मान योजना
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आधुनिक और उत्कृष्ट खेती करने वाले किसानों की मैपिंग होगी, सीधे सीएम करेंगे सम्मानित।
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किसान डिजिटल पोर्टल
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किसानों की समस्याओं, सुझावों और वैज्ञानिकों से तुरंत संवाद के लिए बनेगा विशेष पोर्टल।
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🌍 ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ की वैश्विक गूंज, सिमडेगा का आम पहुंचा लंदन
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ की सफलता का जिक्र करते हुए एक बेहद सुखद जानकारी साझा की। उन्होंने कहा:
“हाल ही में सिमडेगा की जेएसएलपीएस (JSLPS) से जुड़ी दीदियाँ मुझसे मिलने आई थीं। मुझे यह बताते हुए बेहद गर्व हो रहा है कि हमारे राज्य के किसानों द्वारा बागवानी के माध्यम से उपजाया गया आम आज सीधे लंदन (यूनाइटेड किंगडम) एक्सपोर्ट हो रहा है। हमने राज्य की 1.50 लाख एकड़ बंजर भूमि को फलदार पेड़ों से पाटकर हरा-भरा कर दिया है, जिसका फल अब दुनिया चख रही है।”
💧 पर्यावरण और जल संकट पर चिंता— “कंक्रीट के बेजान जंगलों को रोकना होगा”
अंधाधुंध शहरीकरण पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि सड़कों और उद्योगों के नाम पर 100 साल पुराने जंगलों को काटा जा रहा है, जिससे शहर कंक्रीट के जंगल बन रहे हैं। भू-जल के अत्यधिक दोहन पर चेतावनी देते हुए उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों में ‘रिचार्ज पिट’ और ‘सोक पिट’ बनाकर जल संचय शुरू करें, अन्यथा आने वाली पीढ़ियां पानी के घोर संकट से जूझेंगी।
🌾 “चंद रुपयों के लालच में खेतों में जहर न डालें, जैविक खेती अपनाएं”
मुख्यमंत्री ने किसानों से रासायनिक खादों और कीटनाशकों का इस्तेमाल तुरंत बंद करने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों से उपजा अनाज घूमकर हमारे अपने ही परिवार के पेट में जाता है। आज जिन राज्यों ने अंधाधुंध केमिकल का इस्तेमाल किया, उनकी फसलें कोई खरीदने को तैयार नहीं है। झारखंड सरकार जैविक (Organic) खेती को सुलभ और सस्ता बनाने के लिए एक नया रोडमैप तैयार कर रही है।
🎪 200 से अधिक स्टॉलों पर सजे आधुनिक कृषि नवाचार
मोरहाबादी मैदान में 16 से 18 जून 2026 तक चलने वाले इस मेले में सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों के 200 से अधिक हाई-टेक स्टॉल लगाए गए हैं। यहाँ देशभर के कृषि वैज्ञानिक सेमिनार के जरिए किसानों को कम पानी में अधिक उपज देने वाली तकनीकों और आधुनिक कृषि यंत्रों की लाइव ट्रेनिंग दे रहे हैं।
👥 समारोह में उमड़ा दिग्गजों का हुजूम
इस ऐतिहासिक कृषि महाकुंभ के उद्घाटन के अवसर पर राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा提र्की, राज्यसभा सांसद श्रीमती महुआ माजी, विधायक श्री सुरेश कुमार बैठा, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० एस० सी० दुबे, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री राजीव रंजन प्रसाद, कृषि एवं पशुपालन विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीक सहित सरकार के तमाम वरीय अधिकारी और हजारों की संख्या में किसान भाई-बहन उपस्थित थे।